बड़े चूककर्ताओं के बारे में निर्णय के लिए बैंकों की सोमवार से बैठक

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Monday, June 19, 2017-1:27 PM

मुंबई: रिजर्व बैंक के ऋण शोधन कार्यवाई के लिए 12 बड़े चूककर्ताओं का नाम लिए जाने के बाद बैंकों की उनमें से 6 मामलों में आगे की कार्यवाई और उसे नैशनल कंपनी लॉ ट्राइब्यूनल को भेजे जाने के लिए सोमवार से बैठक होगी। एक बैंक अधिकारी ने कहा कि ये 6 खाते भूषण स्टील (44,478 करोड़रुपए), एस्सार स्टील (37,284 करोड़ रुपए), भूषण पावर एंड स्टील (37,248 करोड़ रुपए), आलोक इंडस्ट्रीज (22,075 करोड़ रुपए), एमटेक ऑटो (14,074 करोड़ रुपए) तथा मोनेट इस्पात (12,115 करोड़ रुपए) के हैं।   
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रिजर्व बैंक के अनुसार ये खातों पर 2,500 अरब रुपए बकाया हैं जो सकल फंसे कर्ज का करीब 25 प्रतिशत है। बैंक अधिकारियों के अनुसार दिवाला एवं शोधन अक्षमता संहिता के तहत कार्यवाई के लिए पहचाने गए अन्य खाते लैंको इंफ्रा (44,364 करोड़ रुपए), इलेक्ट्रोस्टील (10,273.6 करोड़ रुपए), एरा इंफ्रा (10,065.45 करोड़ रुपए), जेपी इंफ्राटेक (9,635 करोड़ रुपए), एबीजी शिपयार्ड (6,953 करोड़ रुपए) तथा ज्योति स्ट्रक्चर्स (5,165 करोड़ रुपए) के हैं।  
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उल्लेखनीय है कि पिछले सप्ताह रिजर्व बैंक की आंतरिक परामर्श समिति (आईएसी) ने दिवाला एवं शोधन अक्षमता संहिता (आईबीसी) के तहत तत्काल आगे की कार्यवाई के लिए 12 खातों की सूची बैंकों को भेजी है। ये खातें एस.बी.आई. की अगुवाई में पी.एन.बी., आई.सी.आई.सी.आई. बैंक, यूनियन बैंक, आई.डी.बी.आई. बैंक तथा कारपोरेशन बैंक से संबद्ध हैं।  

एक बैंक अधिकारी ने कहा, "सोमवार से बैंकों की बैठक होगी जिसमें रिजर्व बैंक द्वारा भेजे गए 12 खातों में 6 खातों को इस महीने के अंत तक एनसीएलटी को भेजे जाने पर चर्चा की जाएगी।" चूंकि ये बड़े खाते हैं और इसमें कई बैंक जुड़े हैं, एेसे में बैंक इसे एनसीएलटी के पास भेजे जाने से पहले सभी प्रशासनिक जरूरतों पर साझा विचार तैयार करने की कोशिश करेंगे। एक अन्य बैंक अधिकारी ने कहा, "वे ऋण शोधन पेशेवर की नियुक्ति पर भी विचार करेंगे। ये अधिकारी बाद में समाधान योजना पर काम करेंगे और उसे बैंकों के समक्ष विचारार्थ रखेंगे।"

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