मॉनसून से पहले ही गीली हुई चीनी, तेजी पर लगा अंकुश

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Wednesday, May 17, 2017-10:18 AM

नई दिल्लीः देश में कम उत्पादन की खबरों से महंगाई की पटरी पर सरपट दौड़ती चीनी पर मॉनसून ने ब्रेक लगाया है। समय से पहले मॉनसून आने और गन्ने के बेहतर उत्पादन के अनुमानों ने चीनी की तेजी पर अंकुश लगा दिया है। भीषण गर्मी और शादी विवाह का सीजन होने के बावजूद बाजार में चीनी की मांग कमजोर है, जिससे कीमतों में भी मामूली गिरावट आई है। चीनी के दाम गिरकर वायदा बाजार में 3,862 रुपए और हाजिर बाजार में 3,869 रुपए प्रति क्विंटल पर आ गए हैं।

चालू सीजन में चीनी का उत्पादन कम होने की लगातार आ रही खबरों के कारण फरवरी से मार्च तक चीनी की कीमतों में लगातार तेजी का दौर बना रहा। उत्पादन के आंकड़ों में असमानता ने तेजी को और बढ़ावा दिया है। वैवाहिक सीजन और भीषण गर्मी के बावजूद बाजार में मांग कमजोर है। चीनी कारोबारियों ने बताया कि पिछले एक महीने में मांग करीब 10 फीसदी कम हुई है, जिससे बाजार में कीमतें स्थिर हैं। 
 
क्या कहना चीनी कारोबारियों का
चीनी कारोबारियों का कहना है कि अलग-अलग एजेंसियों की खबरों से बाजार में असमंजस की स्थिति बनी हुई थी, लेकिन पिछले साल की तरह इस साल भी मॉनसून सही रहने की खबरों ने असमंजस को खत्म कर दिया है। घरेलू बाजार में चीनी की मांग में हल्की कमी की वजह से कीमतों में हल्की गिरावट देखी जा रही है, जिसे गिरावट नहीं बल्कि स्थिरता कहना ज्यादा सही होगा। चीनी के दाम बढऩे की आशंका के कारण लोगों ने शादी विवाह के सीजन की शुरुआत में ही चीनी खरीद ली थी। इस वजह से अब मांग कम है।

चीनी उत्पादन में पहले पायदन पर पहुंचने वाले उत्तर प्रदेश में इस साल उत्पादन 90 लाख टन रहने का अनुमान लगाया जा रहा है। हालांकि सरकारी अनुमान अब भी 87.5 लाख टन है। इस साल गन्ना बुआई अच्छी होने और मॉनसून सही समय पर आने की वजह से उत्पादन बढऩे का अनुमान लगाया जा रहा है। 
 


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