इलेक्ट्रिक गाड़ियों की प्रोडक्शन के लिए केंद्र सरकार जल्द उठाएगी बड़ा कदम

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Wednesday, November 29, 2017-11:58 AM

नई दिल्लीः पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा है कि सरकार जल्द ही इलेक्ट्रिक गाड़ियों के लिए लीथियम बैट्रियों को इंपोर्ट करेगी । उनका मानना है कि मेक इन इंडिया को बढ़ावा देने के लिए आर.एंड.डी. की जरुरत है। उन्होंने ऐलान किया है कि पावर सप्लाई के लिए सरकार 16,000 करोड़ रुपए तक खर्च करेगी।  प्रधान ने बताया कि भारत में अभी तक सिर्फ 6% बिजली की खपत होती है. भविष्य में इसे और बढ़ाया जाएगा। मेक इन इंडिया के तहत भारत में इलेक्ट्रिक गाड़ियों के प्रोडक्शन के लिए केंद्र सरकार जल्द ही बड़े कदम उठाने वाली है। 

इसके अलावा नीति आयोग और रॉकी माउंटेन इंस्टीट्यूट की साझा रिपोर्ट ‘इंडियाज एनर्जी स्टोरेज मिशन’ के अनुसार भारत को बैटरी उत्पादन के लिए 100 अरब डॉलर निवेश के साथ 20 विशाल कारखानों की जरूरत होगी. रिपोर्ट ने चार मुख्य चुनौतियों को इंगित किया गया है जिसमें देश में खनिज (लिथियम)भंडार की कमी , बड़े वाहन बैटरी निर्माताओं की अनुपस्थिति, विभिन्न पक्षों के बीच तालमेल का अभाव और लक्ष्य की राह में जोखिम की धारणा का ऊंचा रहना शामिल है।

रिपोर्ट के मुताबिक, विभिन्न हिस्सेदारों के बिना तालमेल के प्रयास और देश में बैटरी उत्पादन के बेहद शुरुआती अवस्था में होने के कारण देश में इस क्षेत्र में निवेश के जोखिम काफी अधिक माने जा रहे हैं। उत्पादन को लेकर दीर्घकालीन नीतियों का अभाव और भविष्य की तकनीक को लेकर अनिश्चितता के कारण भी बैटरी एवं वाहन निर्माता इस क्षेत्र में निवेश से हिचक रहे हैं. रिपोर्ट में कहा गया कि इस रुकावट को पारदर्शी एवं सुसंगत नीतियों से दूर किया जा सकता है।

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