कंज्यूमर फोरम: चोरी हुआ पर्स, रेलवे को 1.41 लाख चुकाने का आदेश

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Monday, March 20, 2017-6:52 PM

इंदौर: उज्जैन की डिस्ट्रीक्ट कंज्यूमर फोरम ने भारतीय रेलवे को आदेश दिया है कि वह सर्विसों में खामियों के लिए एक पैसेंर्ज को 1.41 लाख रुपए का भुगतान करे। दरसअल अरविंद सिंह जब 2013 में ट्रेन से यात्रा कर रहे थे तो एक चोर चलती ट्रेन से उनकी ज्वैलरी और बैग चुराकर फरार हो गया।

फोरम ने पश्चिम रेलवे के रिजनल मैनेजर को अगले 2 माह के अंदर याचिकाकर्ता अरविंद सिंह चंदेल को 1.41 लाख रुपए का भुगतान करने को कहा है। यदि इसमें देरी होती है तो रेलवे को 25 अगस्त, 2013 की तारीख से इसमें 7 फीसदी की ब्याज दर के हिसाब से भुगतान करना होगा।

क्या था मामला
चंदेल ने 16 फरवरी 2013 को देहरादून एक्सप्रेस ट्रेन (19019) से यात्रा कर रहे थे। एक चोर उनके एस.-1 कंपार्टमेंट में आया और उनकी पत्नी रेखा चंदेल ने अपने तकिए के नीचे जो बैग रखा था वह उसे चुराकर भाग गया। चंदेल किसी शादी में शामिल होने के लिए जा रहे थे। बैग में 1.27 लाख रुपए की ज्वैलरी, 1450 रुपए का फोन तथा 10,000 रुपए कैश थे। चंदेल ने चोर का पीछा किया लेकिन चोर चलती ट्रेन से कूद गया। उसके बाद उन्होंने निजामुद्दीन रेलवे पुलिस में एक शिकायत दर्ज करवाई।

क्या कहना है रेलवे का
पश्चिम रेलवे ने दावा किया था कि उसका सरकारी रेलवे पुलिस (जी.आर.पी.) पर कोई नियंत्रण नहीं है और रेलवे की धारा 100 के तहत रेलवे के पास केवल बुक सामान की जिम्मेदारी होती है। कंज्यूमर कोर्ट ने रेलवे की दलील को खारिज कर दिया और याचिकाकर्ता के पक्ष में फैसला दिया। कोर्ट ने रेलवे को कोर्ट कार्रवाई में हुए खर्च के लिए याचिकाकर्ता को 2000 रुपए का भुगतान करने को भी कहा है।

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