ऑयल मार्केटिंग कंपनियों से ज्यादा डिविडेंड की मांग

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Tuesday, January 10, 2017-4:34 PM

नई दिल्लीः सरकार ने ऑयल मार्केटिंग कंपनियों से डिविडेंड की रकम दोगुनी करने की मांग की है। पिछले साल इन कंपनियों ने 8 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा का डिविडेंड दिया था। बता दें कि आईओसी ने वित्त वर्ष 2013 में 6.2 रुपए प्रति शेयर, वित्त वर्ष 2014 में 8.7 रुपए प्रति शेयर, 2015 में 6.6 रुपए प्रति शेयर और 2016 में 14 रुपए प्रति शेयर का डिविडेंड दिया था।

एचपीसीएल ने वित्त वर्ष 2013 में 8.5 रुपए प्रति शेयर, वित्त वर्ष 2014 में 15.5 रुपए प्रति शेयर, 2015 में 24.5 रुपए प्रति शेयर और 2016 में 34.5 रुपए प्रति शेयर का डिविडेंड दिया था। बीपीसीएल ने वित्त वर्ष 2013 में 11 रुपए प्रति शेयर, वित्त वर्ष 2014 में 17 रुपए प्रति शेयर, 2015 में 22.5 रुपए प्रति शेयर और 2016 में 31 रुपए प्रति शेयर डिविडेंड दिया था।

आईओसी, एचपीसीएल और बीपीसीएल ने वित्त वर्ष 2016 में डिविडेंड डिस्ट्रीब्यूशन सहित सरकार को कुल 8118 करोड़ रुपए डिविडेंड का भुगतान किया जिसमें आईओसी की हिस्सेदारी 4079 करोड़ रुपए, एचपीसीएल की हिस्सेदारी 1406 करोड़ रुपए और बीपीसीएल की हिस्सेदारी 2633 करोड़ रुपए रही।

वित्त वर्ष 2016 में आईओसी के पास नकदी के तौर पर 2013.65 करोड़ रुपए, एचपीसीएल के पास 2799.35 करोड़ रुपए और बीपीसीएल के पास 4629 करोड़ रुपए थे। वित्त वर्ष 2017 की पहली छमाही में बीपीसीएल का मुनाफा 16 फीसदी बढ़कर 3926 करोड़ रुपए रहा है। वित्त वर्ष 2016 की पहली छमाही में बीपीसीएल का मुनाफा 3395 करोड़ रुपए रहा था।

एचपीसीएल की बात करें तो वित्त वर्ष 2017 की पहली छमाही में एचपीसीएल का मुनाफा 125 फीसदी बढ़कर 2780 करोड़ रुपए रहा है। वित्त वर्ष 2016 की पहली छमाही में एचपीसीएल का मुनाफा 1236 करोड़ रुपए रहा था। जबकि अगर आईओसी की बात करें तो वित्त वर्ष 2017 की पहली छमाही में आईओसी का मुनाफा 85 फीसदी बढ़कर 11391 करोड़ रुपए रहा है। वित्त वर्ष 2016 की पहली छमाही में आईओसी का मुनाफा 6141करोड़ रुपए रहा था।
 


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