नोटबंदी ने लुधियाना के कपड़ा उद्योग की तोड़ी कमर

  • नोटबंदी ने लुधियाना के कपड़ा उद्योग की तोड़ी कमर
You Are HereBusiness
Saturday, November 19, 2016-5:24 PM

लुधियाना: सरकार द्वारा 500 और 1000 रुपए के पूराने नोट बंद होने से लुधियाना के कपड़ा कारोबारी बड़ी मुश्किल में हैं। ठंड के समय में उनकी सबसे ज्यादा बिक्री होती है लेकिन नोटबंदी ने इस उद्योग की कमर तोड़ दी है। लुधियाना में बन रहे इन कपड़ों ने पूरे देश में धूम मचा रखी है लेकिन अभी तो कपड़े के इस पूरे कारोबार पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है। सर्दियों के सीजन में ही गर्म कपड़ों की सबसे ज्यादा खरीद बिक्री होती है लेकिन नोटबंदी की वजह से ग्राहक नहीं मिल रहे हैं।

लुधियाना में करीब 15000 होजरी फैक्ट्री है और यहां के कपड़ा कारोबार का सालाना टर्नओवर करीब 13 हजार 511 करोड़ रूपया है। खास बात है कि कुल कारोबार का करीब 70 फीसदी हिस्सा नवंबर महीने में होता है लेकिन नोटबंदी की वजह से अबतक केवल 10 फीसदी कारोबार हुआ है। ऐसे में यहां के गर्म कपड़े के कारोबारियों को डर सता रहा है कि कहीं ऐसा न हो कि सर्दी का सीजन खत्म हो जाए और उनके कपड़े गोदामों में ही रखे रह जाएं।


विवाह प्रस्ताव की तलाश कर रहे हैं ? भारत मैट्रीमोनी में  निःशुल्क  रजिस्टर  करें !

Recommended For You