पुराने नोट बंद होने के कारण शराब की बिक्री 40% घटी

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Monday, November 14, 2016-4:20 PM

नई दिल्लीः मोदी सरकार ने हजार और पांच सौ के नोट क्या बंद किए शौकीन लोगों ने शराब की दुकानों से मुंह ही मोड़ लिया। पुराने नोटों पर रोक लगने की वजह से शराब की दुकानों पर सन्नाटा छाया हुआ है। सूरज ढलने के बाद शराब की दुकानो पर नशे के शौकीन लोगों की भीड़ व लाइनें दिखनी कम हो गई हैं। अब दुकानों पर इक्का दुक्का ग्राहक ही आ रहा है। शहरों के आबकारी विभाग भी परेशान है क्योंकि उनके राजस्व में भी भारी गिरावट हो रही है।

8 नवंबर की रात को जब प्रधानमंत्री ने पुराने नोटों पर प्रतिबंध लगाने का एेलान किया था तब रात साढे़ आठ बजे से रात 11 बजे तक लोगों ने पुराने नोटो से काफी मात्रा में शराब खरीदी थी लेकिन जो लोग चूक गए थे वह अब पैसे न होने की वजह से शराब की दुकानों पर जाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं।

जिला आबकारी अधिकारी ने बताया कि 9 नवंबर से शराब की बिक्री में करीब चालीस फीसदी की कमी है। आम दिनों में शहर में रोज करीब 21 हजार बोतल अंग्रेजी शराब, 40 हजार बोतल बियर तथा करीब 35 हजार लीटर देशी शराब की बिक्री होती थी। इस तरह हम प्रति महीने औसतन करीब सात लाख बोतल अंग्रेजी शराब, 12 लाख बोतल बियर और 15 लाख लीटर देशी शराब की बिक्री करते थे। यह आंकड़े किसी महीने कम हो जाते थे तो किसी त्योहार या शादी आदि के सीजन में बढ़ जाते थे।

उन्होंने बताया कि नोट बैन की वजह से शराब की बिक्री में करीब 40 प्रतिशत कमी आई है। जब शराब की बिक्री कम होगी तो सरकार को राजस्व भी कम मिलेगा, क्योंकि नए नोट से अभी शराब खरीदने वालों की संख्या बहुत ही कम है और पुराने नोट न लेने के निर्देश सभी शराब की दुकानों पर दे दिए गए हैं। 
 


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