7.5% तक जा सकती है भारत की आर्थिक वृद्धि: पनगढ़िया

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Sunday, July 23, 2017-7:02 PM

नई दिल्लीः चालू वित्त वर्ष में भारत की आर्थिक वृद्धि 7.5 पर्सेंट तक रह सकती है। यह कहना है नीति आयोग के वाइस चेयरमैन अरविंद पन गढ़िया का, हालांकि उन्होंने कहा कि देश में नई नौकरियों को लेकर अभी भी कई चुनौतियां हैं। उन्होंने कहा कि चालू वित्त वर्ष के लिए में उम्मीद है कि आर्थिक वृद्धि कम से कम 7.5 पर्सेंट रह सकती है। जब आप आखिरी तिमाही तक बढ़ेंगे, यह 8 पर्सेंट तक भी जा सकता है, लेकिन पूरे साल का आंकड़ा 7.5 पर्सेंट तक रह सकता है।

यूएन के हाई लेवल पॉलिटिकल फोरम पर अपनी बात रखने आए नीति आयोग के वाइस चेयरमैन पनगढ़िया ने कहा कि दूसरी तरफ देश में नई नौकरियों का उत्सर्जन सही मायनों में एक बड़ी चुनौती है। उन्होंने कहा कि यह वाकई दुर्भाग्य की बात है कि भारत सभी सेक्टर्स में अच्छा काम कर रहा है, चाहे चह ऑटोमोबाइल हो, इंजीनियरिंग सामान हो, पेट्रोलियम रिफाइनरी या आईटी संबंधित सर्विस हो, लेकिन इसके बाद भी यहां नौकरियां उत्सर्जन नहीं हो रही है।हालांकि पनगढ़िया ने इस बात को मानने से इनकार कर दिया कि भारत की आर्थिक वृद्धि बगैर नौकरियों की वृद्धि है। उन्होंने कहा, 'मुझे व्यक्तिगत तौर पर नहीं लगता कि यह सच है।

हम 7.5 पर्सेंट तक नहीं पहुंच सकते और फिर नौकरियां नहीं बढ़ रही हैं, संतोषजनक स्तर तक पहुंचने लायक निवेश नहीं बढ़ रहा है। यह सब अकेले प्रॉडक्टिविटी से संभव नहीं है।' हालांकि पनगढ़िया ने यह माना कि यह सब नई और अच्छी नौकरियां पैदा करने के लिए काफी नहीं है। उन्होंने कहा, 'नौकरियां आ रही हैं, लेकिन अच्छी नौकरियां जो अच्छा मेहनताना दे सकें, ऐसी नौकरियां पैदा करने में हमें सफलता नहीं मिली है। सच यह है कि हमें मैन्युफैक्चरिंग के स्ट्रक्चर को फिर से व्यवस्थित करने की जरूरत है।' उन्होंने कहा कि चीन, जो इन सभी उत्पादों का प्रमुख निर्यातक है, अच्छी मेहनताना दे पा रहा है और पहले से ही इन लेबर इन्टेन्सिव सेक्टर में कुछ स्थान छोड़ रहा है। ऐसे में भारत के पास इन सेक्टर में जाने का बढ़िया मौका है।
 


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