Internet apps से देश की इकॉनोमी को मिलेगा 18 लाख करोड़ का योगदान

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Saturday, July 15, 2017-7:03 PM

नई दिल्ली: इंटरनैट ऐप्स की वजह से वर्ष 2015-16 में भारत की जी.डी.पी. में 1.4 लाख करोड़ रुपए का इजाफा हुआ है। यह दावा शुक्रवार को जारी की गई एक स्टडी रिपोर्ट का है। स्टडी में अनुमान लगाया गया है कि 2020 तक देश की जी.डीपी. में इंटरनैट ऐप्स की मदद से 18 लाख करोड़ रुपए बढऩे की संभावना है। यह रिपोर्ट किसी और ने नहीं बल्कि खुद दूरसंचार मंत्री मनोज सिन्हा ने जारी की है।

टैलीकॉम मिनिस्टर ने कहा कि क्योंकि डाटा इंडस्ट्री को चला रहा है ऐसे में मंत्रालय ने भी जनता के नजरिए से वर्तमान टैलीकॉम पॉलिसी को फिर से देखने की पहल की है। यह स्टडी रिपोर्ट इंडियन काऊंसिल फॉर रिसर्च ऑन इंटरनैशनल इक्नॉमिक रिलेशन (आई.सी.आर.आई.ई.आर.) और ब्रॉडबैंड इंडिया फोरम ने तैयार की है। रिपोर्ट में कहा गया है कि देश की अर्थव्यवस्था में इंटरनैट के योगदान में आधे से ज्यादा सिर्फ  इंटरनेट ऐप्स की वजह से ही होगा। 
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रिपोर्ट में कहा गया कि देश की जी.डी.पी. में वर्ष 2020 तक इंटरनैट इकॉनोमी का 537.4 बिलियन डॉलर का योगदान होगा, जिसमें कम से कम 270.9 बिलियन डॉलर सिर्फ  इंटरनैट ऐप्स की वजह से होगा क्योंकि इंटरनैट का पूरा इस्तेमाल ऐप बेस्ड नहीं है, ऐसे में हम भारत में इंटरनैट इकॉनोमी के लिए एप्लीकेशन के योगदान पर धारणाओं का उपयोग करते हुए अनुमान को कम करते हैं। ऐप्स या एप्लीकेशन ज्यादातर स्मार्टफोन पर इस्तेमाल होती हैं। सिस्को के अनुमान के मुताबिक 2015 में नॉन-पी.सी. डिवाइस से इंटरनैट ट्रैफिक 28 पर्सैंट था। जानकारों का मानना है कि नॉन-पी.सी. या मोबाइल इंटरनैट यूज का 70 प्रतिशत ट्रैफिक एप्लीकेशन आधारित है, जिसकी वजह से 2015-16 में देश की अर्थव्यवस्था में 20.4 बिलियन डॉलर का योगदान था। इसमें ऑफ लाइन ऐप्स का योगदान जोड़ें तो आंकड़ा और ऊपर जा सकता है।
 

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