GST का लाभ क्रेताओं तक पहुंचाने पर शहरी मंत्राालय रियलटरों से करे बात: वित्त मंत्रालय

You Are HereBusiness
Monday, June 19, 2017-11:58 AM

नई दिल्लीः वित्त मंत्रालय ने आवास एवं शहरी गरीबी उन्मूलन (हुपा) मंत्रालय से जी.एस.टी. प्रणाली से कर भार में कमी का लाभ मकान खरीदने वालों तक पहुंचाने के लिए राज्यों एवं रियल एस्टेट के नियामकों को जागरूक करने और उन्हें डेवलपरों के साथ बैठकें करने का सुझाव दिया है।   
PunjabKesari
कर विभाग और राज्यों को शिकायतें मिली हैं कि जिन लोगों ने फ्लैट बुक कराए हैं और आंशिक भुगतान किया है, उनसे एक जुलाई, 2017 से पहले पूरा भुगतान करने को त्र अन्यथा उसके पश्चात उच्च कर के लिए तैयार रहने को कहा जा रहा है। इस मुद्दे पर वित्त मंत्री अरुण जेतली ने कहा, "यह गलत है और रियल एस्टेट के डेवलपरों को निर्माण सामग्रियों पर मिले टैक्स क्रेडिट का लाभ क्रेताओं तक पहुंचाना चाहिए, अन्यथा उन्हें मुनाफाखोरी निरोधक नियमों के तहत कार्वाई का सामना करना होगा।"
PunjabKesari
राजस्व सचिव हंसमुख अधिया ने हुपा सचिव को पत्र लिखा है और उनसे सभी राज्यों एवं रियल एस्टेट (नियमन एव विकास) अधिनियम, 2016 के तहत नियामक को इस बारे में बताने को कहा है। अधिया ने कहा, "हमने हुपा सचिव से रियल एस्टेट एसोसिएशनों के साथ बैठक करने और उन्हें चीजें समझाने का अनुरोध किया है।" फ्लैटों, परिसर, बिल्डिंग के निर्माण पर 12 फीसदी वस्तु एवं सेवा कर लगेगा जबकि पहले उत्पाद शुल्क, वैट और अन्य करों के तौर पर 11 फीसदी कर लगता था। जेतली ने कहा, "घटी हुई कर देनदारी से दाम कम होना चाहिए। दाम में कमी का लाभ ग्राहक को दिया जाए।"

यहाँ आप निःशुल्क रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं, भारत मॅट्रिमोनी के लिए!

Recommended For You