निर्यातकों को नए बाजारों में जाना होगा: सीतारमण

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Tuesday, November 08, 2016-3:30 PM

नई दिल्लीः अर्थव्यवस्था में विदेश व्यापार की भूमिका पर बल देते हुए केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज कहा कि निर्यातकों को अफ्रीका और दक्षिणी अमरीका जैसे नए बाजार में जाना होगा।

श्री सीतारमण ने यहां निर्यात रिण गारंटी देने वाली सरकारी कंपनी ई.सी.जी.सी. लिमिटेड के हीरक जयंंती समारोह का उद्घाटन करते हुए कहा कि विदेश व्यापार अधिकतर उधार पर होता है जो 60 दिन से लेकर 150 दिन तक का हो सकता है। निर्यात कारोबार में 80 प्रतिशत हिस्सेदारी छोटे उद्योगों की है जिनके सामने अक्सर पूंजी का संकट होता है। ऐसे में सरकार और ईसीजीसी लिमिटेड कंपनियां उनकी मदद के लिए तैयार रहती हैं।

उन्होंने कहा कि विकसित देशों को निर्यात समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ये अपनी घरेलू समस्याओं से भी जूझ रहे हैं। इनको निर्यात करनेे में कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करने के अलावा अन्य दिक्कतें भी आती हैं इसलिए निर्यातकों को नए बाजारों का रुख करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अफ्रीकी देश सूडान, घाना, नाइजीरिया, केन्या, युगांडा आदि देशों में भारतीय उत्पादों के लिए व्यापक संभावनाएं हैं।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारतीय निर्यातकों को अफ्रीका, दक्षिण अमरीका और पूर्वी एशिया में बाजार तलाशने को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि नए बाजार तलाशने के लिए सरकार उनकी हरसंभव मदद करेगी। इससे भारतीय निर्यात को बढ़ावा मिलेगा।

श्रीमती सीतारमण ने एशियाई विकास बैंक की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि निर्यातकों को समय पर पूंजी नहीं उपलब्ध हो पाने के कारण प्रतिवर्ष 300 अरब डॉलर का नुकसान भारतीय अर्थव्यवस्था को उठाना पड़ता है। उन्होंने कहा कि केवल 40 प्रतिशत निर्यात को ही गारंटी उपलब्ध हो पाती है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में व्यापक संभावनाएं है और निर्यात रिण गारंटी संबंधी कंपनियों को इसका लाभ उठाना चाहिए। इससे निर्यातकों को लाभ होगा और अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा।  


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