ज्यादा मुनाफा देख किसान कर रहे हैं चने की बुआई

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Wednesday, November 29, 2017-12:08 PM

नई दिल्लीः दलहन की किसी भी अन्य किस्म के मुकाबले बेहतर दाम मिलने की बात को ध्यान में रखकर किसानों ने पिछले हफ्ते तक तकरीबन 13 लाख हेक्टेयर पर चने की रोपाई की है, जो पिछले साल की समान अवधि की तुलना में करीब 14 प्रतिशत ज्यादा है। व्यापारिक सूत्रों ने कहा कि सरसों की तरफ से भी चने का कुछ रकबा बढ़ सकता है, क्योंकि बचे हुए स्टॉक और मांग में कमी की वजह से खरीफ उपज के सीजन में तिलहन के दामों में गिरावट आई है।

अंतत:कितना क्षेत्र चने की ओर रुख करेगा, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि कच्चे खाद्य तेलों पर आयात शुल्क को दोगुना करने के हालिया फैसले के बाद कीमतों में कितना इजाफा होता है और उत्तर भारत में ठंड कितनी तेजी से बढ़ती है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, शुक्रवार तक 51.3 लाख हेक्टेयर में सरसों की बुआई की गई थी, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में लगभग 11.2 प्रतिशत कम है। कुल मिलाकर, पिछले हफ्ते तक रबी फसलों की बुआई सामान्य क्षेत्र केलगभग आधे 3.158 करोड़ हेक्टेयर में पूरी हो चुकी है, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में कुछ कम है।

कानपुर स्थित भारतीय दलहन अनुसंधान संस्थान (आईआईपीआर) के निदेशक एनपी सिंह ने बिज़नेस स्टैंडर्ड को बताया कि चने के दाम उतनी तेजी से नहीं गिरे हैं, जितने दलहन की अन्य किस्मों के गिरे हैं, क्योंकि बेसन जैसे मूल्य संवर्धित उद्योगों में चने की बड़ी मांग रहती है। इस साल किसानों का चने की ओर बढऩे का यही मुख्य कारण है  वार्षिक दलहन उत्पादन में लगभग 30 प्रतिशत हिस्सा चने का रहता है और 90 लाख से एक करोड़ टन तक इसकी उपज होती है। 

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