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गोदरेज, डाबर से आगे निकली लॉरियल

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Tuesday, May 16, 2017-12:22 PM

नई दिल्लीः करीब 81,000 करोड़ रुपए का सौन्दर्य एवं पर्सनल केयर उपभोक्ता वस्तु बाजार की सबसे अधिक प्रतिस्पर्धी श्रेणियों में शामिल है जहां कंपनियों के बीच जंग में एक नई प्रवृत्ति दिख रही है। हिंदुस्तान यूनिलीवर (एच.यू.एल.) और कोलगेट पामोलिव पिछले 5 साल से पहले और दूसरे पायदान पर काबिज हैं, हालांकि उनकी बाजार हिस्सेदारी घटी है जो उपभोक्ता बाजार पर अनुसंधान करने वाली फर्म यूरोमॉनिटर के आंकड़ों से साफ जाहिर होता है।

क्या कहते है आंकड़े
आंकड़ों के अनुसार, मूल्य के लिहाज से एच.यू.एल. की बाजार हिस्सेदारी 2012 में 27.1 फीसदी थी जो बढ़कर 2016 के अंत तक 25.2 फीसदी हो गई। मार्च 2017 तिमाही के आंकड़े उपलब्ध नहीं हो सके। इन 5 वर्षों के  दौरान मूल्य के लिहाज से कोलगेट पामोलिव की बाजार हिस्सेदारी 7.1 फीसदी से मामूली घटकर 7 फसदी रह गई, लेकिन सबसे अधिक रफ्तार फ्रांस की कंपनी लॉरियल की रही। वह 2016 में गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्ïस (जी.सी.पी.एल.) और डाबर से आगे निकलते हुए तीसरे पायदान पर पहुंच गई। इस दौरान लॉरियल की बाजार हिस्सेदारी बढ़कर 3.8 फीसदी हो गई। जी.सी.पी.एल.की बाजार हिस्सेदारी 3.7  फीसदी और डाबर की बाजार हिस्सेदारी 3.8 फीसदी रही। पिछले पांच वर्षों के दौरान दोनों कंपनियों की बाजार हिस्सेदारी में गिरावट दर्ज की गई। 

पतंजलि  भी नहीं बढ़ा पाई हिस्सेदारी 
आई.टी.सी. की बाजार हिस्सेदारी में 2012 से 2014 के बीच तेजी दर्ज की गई लेकिन 2015 और 2016 में वह लगभग स्थिर रही। पर्सनल केयर क्षेत्र की अधिकतर कंपनियों को आयुर्वेदिक उत्पादों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए मजबूर करने वाली कंपनी पतंजलि 2016 में अपनी बाजार हिस्सेदारी नहीं बढ़ा पाई। इससे पता चलता है कि हर्बल श्रेणी में प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है। साल 2012 से 2015 के बीच उसकी बाजार हिस्सेदारी 0.4 फीसदी से बढ़कर महज 1 फीसदी हो पाई जबकि 2016 में वह स्थिर रही।

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