Bitcoin को कानूनी दर्जा देने की तैयारी में सरकार

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Wednesday, April 19, 2017-10:14 AM

नई दिल्ली: बिटक्वॉयन को सरकार कानूनी दर्जा देने की तैयारी में है। मिली जानकारी के मुताबिक सरकार इसे कानून के दायरे में लाकर टैक्स लगाना चाहती है। सूत्रों के मुताबिक रिजर्व बैंक वर्चुअल करंसी में निवेश, लेन-देन पर डिटेल गाइडलाइन तैयार कर सकता है और इसको रिजर्व बैंक एक्ट 1934 के दायरे में लाया जा सकता है।

सूत्रों का कहना है कि वर्चुअल करंसी में निवेश से होने वाली आमदनी पर इन्कम टैक्स लग सकता है। वर्चुअल करंसी के जरिए विदेशों में पैसे के ट्रांसफर पर फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमैंट एक्ट के नियम लागू हो सकते हैं और अब वर्चुअल करंसी के ट्रांसफर पर कैपिटल गेन टैक्स लगाने पर भी विचार चल रहा है। सूत्रों के मुताबिक वर्चुअल करंसी में निवेश करने पर नो योर कस्टमर (के.वाई.सी.) की शर्तें तैयार की जाएंगी। वर्चुअल करंसी के मुद्दे पर बनाई गई कमेटी की बैठक में इन प्रस्तावों पर विचार किया जाएगा।

क्या होती है वर्चुअल करंसी
यह ऑनलाइन करंसी होती है। वर्चुअल करंसी के तौर पर बिटक्वॉयन काफी मशहूर है। इसका कोई कागजी दस्तावेज नहीं होता है। वर्चुअल करंसी खरीदने के लिए संबंधित करंसी का एप्लीकेशन डाऊनलोड करना होता है। एप्लीकेशन के जरिए आप अपने खाते से पैसे चुका करके वर्चुअल करंसी खरीद सकते हैं। जब आप चाहें एप्लीकेशन पर जाकर अपनी करंसी बेच भी सकते हैं। भारत में कई वॉलेट कंपनियां वर्चुअल करंसी खरीदने के लिए अपना प्लेटफॉर्म मुहैया करवाती हैं। वर्चुअल करंसी को न तो सरकार, न ही रिजर्व बैंक ने कोई मान्यता दी है। वर्चुअल करंसी-बिटक्वॉयन निवेशकों के बीच तेजी से लोकप्रिय होता जा रहा है। फरवरी, 2016 में बिटक्वॉयन की कीमत जहां 25,000 रुपए थी वहीं अभी इसकी कीमत करीब 89,000 रुपए है।

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