सरकार का जैविक खेती को बढ़ावा,किसानों की आमदनी बढ़ाने की योजना पर अमल शुरू

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Saturday, October 29, 2016-12:44 PM

नई दिल्ली: जैविक कृषि उत्पादों की वैश्विक मांग से जैविक कृषि क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। जैविक खेती को बढ़ावा देकर केंद्र सरकार ने किसानों की आमदनी बढ़ाने की योजना पर अमल शुरू कर दिया है। केंद्र सरकार इसके लिए तकनीकी और वित्तीय मदद भी मुहैया करा रही है। कृषि मंत्री राधामोहन सिंह ने पूवरेत्तर के राज्यों के कृषि अधिकारियों और वैज्ञानिकों से कहा कि यहां जैविक खेती व इससे जुड़े उद्यम कामयाब साबित हो सकते हैं।

देश के 12 पहाड़ी व मैदानी राज्यों के कृषि विज्ञान केंद्रों के वैज्ञानिकों व राज्यस्तरीय अफसरों से बातचीत में कृषि मंत्री राधामोहन सिंह ने कहा कि किसानों की आमदनी को बढ़ाने के लिए लागत घटाने के साथ उपज के अच्छे मूल्य दिलाना होगा। इसके लिए जैविक खेती सबसे योग्य उपाय है, जिसका प्रयोग पहाड़ी राज्यों के साथ पूवरेत्तर क्षेत्र में सफलतापूर्वक किया जा सकता है।

पहाड़ी क्षेत्र में अब किवी, जैतून, स्ट्रॉबेरी, चेरी, अखरोट, संतरा, मालटा, आलू बुखारा, नाशपाती व सेब की खेती हो रही है। कृषि मंत्री ने कहा कि इन फलों की जैविक खेती से होने वाली उपज को घरेलू बाजारों में पहुंचाने की जरूरत है, ताकि किसानों को उचित मूल्य मिल सके।

कृषि मंत्री सिंह ने इन राज्यों के अधिकारियों व कृषि वैज्ञानिकों से जोर देकर कहा कि वे इस बात का ध्यान रखें कि धान की कटाई के बाद घास खेतों में न जलाएं। पराली जलाने से पर्यावरण को गंभीर खतरा पैदा होता है, जबकि घास से जैविक खाद, कार्ड बोर्ड, मशरूम उत्पादन और पशुओं का चारा तैयार किया जा सकता है। पहाड़ी क्षेत्रों में मछली पालन को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसके विकास पर सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है। सजावटी मछलियों का पालन भी यहां हो सकता है।


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