GST काउंसिल के फैसले से अब जेब भी जलाएगी सिगरेट

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Tuesday, July 18, 2017-10:00 AM

नई दिल्ली: जी.एस.टी. लागू होने के बाद पहली बार हुई जी.एस.टी. परिषद की बैठक में सिगरेट पर लगने वाले सेस में बढ़ौतरी कर दी गई है। सरकार के इस फैसले सिगरेट की खुदरा कीमतों में बढ़ौतरी नहीं होगी। 65 मिमी तक लंबी सिगरेट पर लगने वाले सेस को बढ़ाकर 485 रुपए कर दिया है। सेस की यह रकम प्रति 1,000 सिगरेट पर वसूली जाएगी। वहीं 65 मिमी से लंबी सिगरेट पर लगने वाले सेस की दर को बढ़ाकर 792 रुपए कर दिया गया है। नई दरें सोमवार को आधी रात से लागू हो जाएंगी।

राजस्व में होगी बढ़ौतरी
काउंसिल की बैठक में सिगरेट पर लगने वाले सेस को बढ़ाने का फैसला अतिरिक्त राजस्व की उगाही के मकसद से लिया गया है। सेस की बढ़ौतरी से सरकार की नजर अतिरिक्त 5 हजार करोड़ रुपए का राजस्व जुटाने पर है। जी.एस.टी. दर के लागू होने की वजह से मैन्युफैक्चरर्स को होने वाले उम्मीद से अधिक फायदे के देखते हुए सरकार ने सिगरेट पर लगने वाले सेस को बढ़ा दिया है।

काउंसिल की अगली बैठक अगस्त में 
सरकार ने सिगरेट पर लगने वाले जी.एस.टी. की दर को 28 फीसदी और वैलोरम को 5 फीसदी की दर पर बरकरार रखा है। लेकिन फिक्स सेस की दर को 485 रुपए से बढ़ाकर 792 रुपए कर दिया गया है। सेस में होने वाली बढ़ौतरी से सरकार को अतिरिक्त कर के तौर पर 5,000 करोड़ रुपए मिलेंगे जो अभी तक मैन्युफैक्चरर्स के खाते में जा रहे थे। जी.एस.टी. काउंसिल ने सिगरेट के लिए 28 फीसदी की दर तय की थी। इस फैसले से मैन्युफैक्चर्स को होने वाले मुनाफे का बड़ा हिस्सा सरकार के खाते में जाएगा। जी.एस.टी. काउंसिल की अगली बैठक अगस्त महीने के पहले हफ्ते में होगी।

ITC में जोरदार गिरावट
जी.एस.टी. काउंसिल की बैठक में सिगरेट पर लगने वाले सेस में बढ़ौतरी करने से आज शेयर बाजार के शुरुआती कारोबार में हैवीवेट शेयर आई.टी.सी. में 10 फीसदी से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। 

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