GST: एक साथ पूरी कीमत देने पर ही मिलेगा घर खरीदने का फायदा

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Tuesday, August 08, 2017-5:20 PM

इंदौरः जी.एस.टी. ने मकान बनाने के साथ ही तैयार मकान या फ्लैट खरीदना भी महंगा कर दिया है। शहर में बिल्डर्स व डेवलपर्स से फ्लैट -मकान किस्तों में खरीदना महंगा हो गया है। बुकिंग करके किस्तों में खरीदे फ्लैट या मकान पर पजेशन लेते वक्त अधिक राशि चुकाना होगी। क्योंकि एेसा करने पर सिर्फ रजिस्ट्री का शुल्क ही चुकाना होगा जबकि किस्तों में सर्विस टैक्स के साथ कीमत चुकानी होगी। जानकारों का मानना है, इस राहत से आने वाले दिनों में रेडी पजेशन के फ्लैट-मकान की पूछपरख बढ़ सकती है।

जीएसटी को लेकर काफी असमंजस
रियल एस्टेट व्यवसाय इन दिनों रेरा की उलझन के साथ ही जीएसटी के गुणा-भाग में लगा हुआ है। मकान निर्माण से जुड़ी सामग्री को 28 फीसदी जीएसटी के दायरे में ला कर पहले ही निर्माण लागत बढ़ चुकी है। अब सर्विस टैक्स में भी झमेला फंस गया है। रियल एस्टेट में अब तक अलग-अलग टैक्स लगता था। इसमें राज्य का वैट और सेंट्रल का सर्विस टैक्स होता था। जीएसटी में इसे 12 फीसदी किया है। डेवलपर्स का कहना है, अभी जीएसटी को लेकर काफी असमंजस है। अधिकांश बिक्री प्रोजेक्ट शुरू करने से ही होती है।

रेडी पजेशन पर जीएसटी नहीं
कर सलाहकार संजय व्यास ने बताया, किसी प्रोजेक्ट में बुकिंग कर फ्लैट या मकान की कीमत किस्तों में चुकाते हैं, तो जीएसटी के अनुसार कर देना होगा। वहीं रेडी पजेशन में जीएसटी नहीं लगेगी।

नुकसान फायदे का गणित
सामान्य तौर पर प्रॉपर्टी खरीदने पर रजिस्ट्री में स्टांप ड्यूटी और वैट-सर्विस टैक्स देना होता है। इसमें 8.5 फीसदी स्टांप ड्यूटी व अन्य करों के रूप में होते हैं। दूसरा हिस्सा डेवलपर्स द्वारा लिया जाने वाला जीएसटी, जो 12 फीसदी है। एक मुश्त राशि चुकाने पर खरीदार को सिर्फ 8.5 फीसदी स्टांप डयूटी ही लगेगी, वहीं किस्त में लेने पर 12 फीसदी राशि और जुड़ जाएगी।

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