एस्सार स्टील को बैंकरप्सी मामले में गुजरात HC से झटका

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Monday, July 17, 2017-4:43 PM

गुजरात: गुजरात हाईकोर्ट से एस्सार स्टील को करारा झटका मिला है। हाई कोर्ट ने बैंकरप्सी के मामले में उसकी याचिका खारिज कर दी है। एस्सार स्टील ने डूबे कर्ज के मामले में रिजर्व बैंक के फैसले को चुनौती दी थी। आर.बी.आई. ने एस्सार स्टील के मामले को कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल यानी सी.एल.टी. में भेज दिया था।

भेदभाव करने का आरोप
आर.बी.आई. ने बैंकरप्सी एंड इनसॉल्वेंसी कोड के तहत यह कार्रवाई की थी। एस्सार स्टील ने आर.बी.आई. पर भेदभाव करने का आरोप लगाया था। गुजरात हाई कोर्ट के फैसले से आर.बी.आई. और एस्सार स्टील को लोन देने वाले बैंकों का पक्ष मजबूत हुआ है। एस्सार स्टील बैंकों का करीब 40,000 करोड़ रुपए का लोन नहीं चुका पाया है।

13 जून RBI ने जारी किया था निर्देश
बैंकों के फंसे हुए कर्ज की समस्या का समाधान करने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक ने कार्रवाई तेज कर दी है। आर.बी.आई. ने ऐसे 12 खातों की पहचान की है, जिनमें प्रत्येक पर 5,000 करोड़ रुपए से अधिक का कर्ज है। कर्ज की यह राशि बैंकों के कुल एन.पी.ए. (फंसा कर्ज) का करीब 25 फीसदी है।

कर्ज न चुकाने वालों की पहचान कर रहा है RBI
आर.बी.आई. ने बैंकों से इन खातेदारों के खिलाफ दिवालिया घोषित करने की प्रक्रिया शुरू करने को कहा है। देश के बैंकों के कुल 8 लाख करोड़ रुपए एन.पी.ए. में तब्दील हो चुके हैं, इनमें से छह लाख करोड़ रुपए सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का है। 25 फीसदी के हिसाब से करीब दो लाख करोड़ रुपए की देनदारी महज 12 खाताधारकों पर है।आर.बी.आई. कर्ज न चुकाने वालों की पहचान कर रहा है। इसके तहत 500 डिफॉल्टरों में से शुरू में इन 12 की पहचान की गई है। बैंक के मुताबिक, ये 12 खाते तत्काल दिवाला और दिवालियापन संहिता (आई.बी.सी.) के तहत आते हैं। हालांकि केंद्रीय बैंक ने डिफॉल्टरों के नाम का खुलासा नहीं किया है।


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