वैश्विक वृद्धि का लाभ ‘बहुत कम’ को मिला, असमानता उच्च स्तर पर: लेगार्ड

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Sunday, October 09, 2016-6:40 PM

वाशिंगटन: अंतर्राष्ट्रीय मुद्राकोष (आई.एम.एफ.) की प्रमुख क्रिस्टीन लेगार्ड ने कहा कि वैश्विक वृद्धि का लाभ लंबे समय तक सिर्फ कुछ लोगों को मिला है। कई देशों में असमानता काफी ऊंचे स्तर पर है। व्यापार लगातार ‘राजनीतिक फुटबॉल’ बन गया है। उन्होंने विश्व नेताओं से समावेशी विकास की रणनीति पर काम करने का आह्वान किया।   

लेगार्ड ने कल यहां आई.एम.एफ. और विश्व बैंक की सालाना शीतकालीन बैठकों को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘समावेशी वृद्धि की पहली प्राथमिकता निचली वृद्धि, निचला रोजगार और निचली मजदूरी से निजात पाना है। इसका मतलब है कि सभी नीतिगत हथियारों का इस्तेमाल करना जिनमें मौद्रिक, राजकोषीय और बुनियादी सुधार शामिल हैं।’’   

आई.एम.एफ. की प्रबंध निदेशक ने कहा कि सीधे शब्दों में कहा जाए, वृद्धि काफी लंबे समय तक निचले स्तर पर रही और इसका लाभ भी सिर्फ कुछ लोगों को ही मिला। उन्होंने कहा कि इसका सामाजिक और राजनीतिक परिणाम अब स्पष्ट दिख रहा है। कई देशों में असमानता का स्तर काफी ऊंचा है। व्यापार राजनीतिक फुटबाल बन गाया है। आर्थिक एकीकरण और सहयोग के समर्थक बचाव की मुद्रा में हैं। उन्होंने कहा कि आई.एम.एफ. ने इस साल वैश्विक वृद्धि दर 3.1 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है। अगले साल भी यह मामूली वृद्धि के साथ 3.4 प्रतिशत रहेगी।   

लेगार्ड ने कहा कि ब्याज दरें एेतिहासिक रूप से निचले स्तर पर हैं। एेसे में सार्वजनिक निवेश के लिए इससे बढिय़ा अवसर नहीं है। इससे द्रुत गति के इंटरनैट की पहुंच बढ़ेगी ऊर्जा दक्ष परिवहन को प्रोत्साहन मिलेगा और पर्यावरणनुकूल ढांचे का निर्माण होगा। 


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