अब बेनामी संपत्ति पर IT विभाग की टेढ़ी नजर

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Thursday, May 11, 2017-12:05 PM

नई दिल्लीः आयकर विभाग ने कई शहरों में बेनामी संपत्ति मालिकों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। इन लोगों ने अवैध तरीके से हासिल कमाई किसी और के नाम पर रखी है। सूत्रों के मुताबिक विभाग ऐसे 300 से अधिक मामलों में बेनामी लेनदेन (रोकथाम) कानून के तहत कार्रवाई कर सकता है। कानून के तहत अवैध संपत्ति रखने वाले व्यक्ति और उसके असली मालिक की संपत्ति जब्त की जा सकती है और मुकदमा चलाया जा सकता है।

30 विशेष दलों का गठन किया गया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में एक बैठक में आयकर विभाग को 'ऑपरेशन क्लीन मनी' के दौरान पकड़ में आए बेनामी संपत्ति मालिकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके बाद ही विभाग ने यह कदम उठाया है। प्रधानमंत्री के निर्देश के बाद केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सी.बी.डी.टी.) ने दिल्ली, अहमदाबाद, पुणे, कोलकाता, हैदराबाद और चेन्नई सहित 16 क्षेत्रों में 30 विशेष दलों का गठन किया है। प्रत्येक दल में 4 आयकर अधिकारी होंगे, जिनकी अगुआई संबंधित क्षेत्र के अतिरिक्त आयुक्त करेंगे।

कर्मचारियों के नाम पर खोले गए खाते
'ऑपरेशन क्लीन मनी' के दूसरे चरण में ऐसे 1,300 लोग पहचाने गए हैं, जिनका जमीन-जायदाद में भारी निवेश उनके आयकर रिटर्न और वैध कमाई से मेल नहीं खाता। उनकी संपत्ति की कुल कीमत 6,000 करोड़ रुपए से अधिक होने का अनुमान है। सी.बी.डी.टी. के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक इनमें से 35-40 फीसदी लोग बेनामी लेनदेन में शामिल हैं। उन्होंने कहा, 'ऐसे सैकड़ों मामले हैं, जहां कर्मचारी ट्रस्ट के नाम पर खाते खोले गए हैं, चपरासी और ड्राइवर के नाम पर जमीन या फ्लैट खरीदे गए हैं।' प्रधानमंत्री कार्यालय और राजस्व विभाग ने सी.बी.डी.टी. से कड़ी कार्रवाई करने और उसकी रिपोर्ट देने को कहा है। अधिकारियों के मुताबिक बेनामी संपत्ति मालिकों में अधिकांश सरकारी कर्मचारी, दुकानदार, चिकित्सा अधिकारी, वकील और उद्यमी शामिल हैं।

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