प्रॉपर्टी टैक्स भुगतान में इजाफा, निगमों के खजानों में भी हुई बढ़ौतरी

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Tuesday, November 15, 2016-2:56 PM

नई दिल्लीः 500 और 1000 के नोट बंद हो जाने के बाद से आम नागरिकों में थोड़ी बहुत असुविधा देखने को मिल रही है लेकिन नगर निगम के खजाने में लगातार बढ़ौतरी हो रही है। अपना टैक्स और अन्य सभी तरह का कर जमा कराने के बाद लोग खुश नजर आ रहे हैं। उनका कहना है कि पुराने नोट खपा देने से उनका सिरदर्द खत्म हो रहा है साथ ही टैक्स भी जमा हो गया।

पुराने नोटों को स्वीकार किए जाने से हुआ इजाफा 
नगर निगम के एक सीनियर अधिकारी के अनुसार, 500 और 1000 रुपए के करंसी नोट पर प्रतिबंध लगने के बाद प्रॉपर्टी टैक्स भुगतान लगभग बंद हो गया था। लेकिन अगले ही दिन सरकार ने टैक्स भुगतान के रूप में जैसे ही पुराने नोटों को स्वीकार करने की छूट दी उसके बाद प्रॉपर्टी टैक्स भुगतान में काफी इजाफा हुआ है। ऐसे लोगों ने भी संपत्ति कर जमा करा दिया जिन पर 20 सालों से बकाया था। निगम ने नोट बंदी की अवधि में 11 नवंबर को संपत्ति व अन्य कर जमा करने के लिए शिविर लगाया था। 12 नवंबर को नैशनल लोक अदालत में कर जमा किया गया।

दिल्ली के 3 निगमों में जमा हुए 7 करोड़ रुपए
दिल्ली की बात करें तो दिल्ली में तीन नगर निगमों (दक्षिण दिल्ली, पूर्वी दिल्ली और उत्तरी दिल्ली) को 500 और 1,000 रुपए के नोटों में संपत्ति के मालिकों से प्रॉपर्टी टैक्स और परिवर्तन शुल्क के तौर पर 7 करोड़ रुपए से अधिक रकम प्राप्त हुई है।

2 दिन में निगम को प्राप्त हुए 1 करोड़ रुपए
लोगों ने जल कर, दुकान किराया और विकास शाखा के लीज रेंट के रुपए जमा कराए।  इसी साल 31 मार्च को नगर निगम ने एक करोड़ रुपए राजस्व वसूली की थी लेकिन इसमें अधिकांश राशि चेक से जमा हुई। पहली बार दो दिन में निगम को नकद एक करोड़ रुपए मिले हैं। राजस्व अधिकारी संदेश शर्मा के अनुसार जिन भी लोगों ने कर जमा कराया उनमें ज्यादातर बड़े नोट लेकर ही पहुंचे थे, इससे ज्यादा राजस्व मिला। 


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