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NCR में बढ़ रही अफोर्डेबल हाउसिंग की मांग

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Friday, January 19, 2018-1:20 PM

नई दिल्लीः बढ़ती शहरी सुविधाओं और नौकरियों के बेशुमार अवसर के चलते राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में अफोर्डेबल हाउसिंग की सप्लाई और संभावनाएं तेजी से बढ़ी हैं। 40 लाख रुपए तक कीमत वाले नए मकानों की सप्लाई के आधार पर सोहना (गुड़गांव), राजनगर एक्सटेंशन (गाजियाबाद), यमुना एक्सप्रेसवे, ग्रेटर नोएडा वेस्ट और भिवाड़ी देश के सबसे तेजी से उभरते इलाकों में शामिल हुए हैं। यहां इस प्राइस सेग्मेंट में 1.3 लाख नई यूनिटें जुड़ी हैं।

एक रिपोर्ट के मुताबिक पिछले 2 साल में 40 लाख तक प्राइस रेंज में किसी भी शहर के मुकाबले सबसे ज्यादा मकान एनसीआर में बने हैं। नई लॉन्चिंग में इसकी हिस्सेदारी 2017 की तीसरी तिमाही तक 71 फीसदी दर्ज की गई है। हालांकि, पूरा एनसीआर रीजन ही इस सेगमेंट में ग्रोथ दिखा रहा है, लेकिन पांच इलाके खासतौर से अफोर्डेबल हाउसिंग के ठिकाने के रूप में तेजी से उभर रहे हैं।

नौकरीपेशा लोगों में सस्ते मकानों की मांग बढ़ी 
रिपोर्ट के मुताबिक एनसीआर की 48 प्रतिशत सप्लाई सोहना, राजनगर एक्सटेंशन, यमुना एक्सप्रेसवे, ग्रेटर नोएडा वेस्ट और भिवाड़ी में है, जहां कुल एक लाख 30 लाख नए अफोर्डेबल मकान बने हैं। जहां पूरे एनसीआर में मकानों की औसत कीमत 4,200 से 4,600 रुपए प्रति वर्ग फुट है, इन इलाकों में यह 2800 से 3900 प्रति वर्ग फुट दर्ज की गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि गुड़गांव की कुल सप्लाई का 33 फीसदी यूनिटें सोहना में बनी हैं। उपलब्ध स्पेस के आधार पर आगे विस्तार की गुंजाइश भी यहीं है। भिवाड़ी में 80 फीसदी मकान अफोर्डेबल रेंज में हैं। यहां पिछले कुछ वर्षों में औद्योगिक विस्तार तेजी से हुआ है और नौकरीपेशा लोगों में सस्ते मकानों की मांग बढ़ी है। 

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