बैंकों को अपना काम हिंदी में करने के लिए मिलीं हिदायतें

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Sunday, October 08, 2017-11:12 AM

नई दिल्ली: गृह मंत्रालय ने समूह बैंकों, प्राईवेट और पब्लिक सैक्टर के बैंकों को कहा है कि वे अपने कामकाज दौरान हिंदी भाषा की सुविधा प्रदान करें। प्रभास कुमार झा सचिव सरकारी भाषा विभाग ने बताया कि समूह बैंकों को कहा गया है कि वह अपना सारा डाटा हिंदी में अपडेट करें और यह भी हिदायतें की हैं कि ग्राहकों को फार्म आदि अंग्रेजी में भरने के लिए मजबूर न करें। उन्होंने बताया कि इन्फोसिस की तरफ  से पहले ही बैंकों की सहायता के लिए एक ऐसा सॉफ्टवेयर विकसित किया गया है जिसके साथ ङ्क्षहदी भाषा में कामकाज को चलाया जा सकता है। बैंकों को चाहिए कि वे सॉफ्टवेयर को इस ढंग से लगाएं जिससे ग्राहक अपनी पास बुक हिंदी में हासिल कर सकें। इसी तरह यह सुविधा क्षेत्रीय भाषाओं में भी होनी चाहिए।

गुजरात और महाराष्ट्र में बैंकों ने यह कार्य आरंभ कर दिया है। श्री झाय ने आगे बताया कि सरकारी भाषा एक्ट 1963 अनुसार सरकारी पत्रों में या ओर कामकाज में हिंदी भाषा का प्रयोग न करन पर सज़ा की कार्यवाही की कोई व्यवस्था नहीं है पर हिंदी भाषा को केवल उत्साह और प्रेरणा के साथ प्रफुलित किया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि चाहे राज्य अपनी भाषा का चयन करने के लिए स्वतंत्र हैं, हिंदी बोलने वाले सूबों को भी चाहिए कि वह क्षेत्रीय भाषायोंए जैसे तामिल आदि सीखने। श्री झा ने बताया कि बेंगलुरू मैट्रो के मध्य साईन बोर्ड हिंदी में डिजाइन किए गए हैं जो सैंट्रल एक्ट अधीन आते हैं और यह केन्द्र की तीन भाषाई नीति के साथ मेल खाता है।

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