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बजट 2018: उद्योगों को टैक्स छूट के साथ कम ब्याज पर मिले ऋण

  • बजट 2018: उद्योगों को टैक्स छूट के साथ कम ब्याज पर मिले ऋण
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Wednesday, January 24, 2018-4:58 PM

वाराणसीः उद्यमियों ने बजट 2018-19 में सूक्ष्म, छोटे और मझोले उद्यम (एम.एस.एम.ई.) सैक्टर के उद्योगों के लिए टैक्स छूट और कम ब्याज दर पर बैंक ऋण की उपलब्धता की उम्मीद जताई है। उद्यमियों का कहना है कि सरकार को कार्पोरेट और एम.एस.एम.ई. सैक्टर के उद्यमों के लिए अलग-अलग नीति घोषित करनी चाहिए, जिससे छोटे व मध्यम उद्योगों को बढ़ावा मिले। उद्यमी सकारात्मक बजट की उम्मीद कर रहे हैं। उनकी उम्मीद है कि कार्पोरेट कर की दर 25 प्रतिशत हो और बजट में करों का बोझ कम करने की नीति बने ताकि ज्यादा लोग ईमानदारी से कर चुकाएं। कार्पोरेट टैक्स के मामले में सरकार को 10 लाख रुपए तक 10 प्रतिशत की दर रखनी चाहिए। जो अभी 30 प्रतिशत है।

इंकम टैक्स का दायरा बढ़े
एग्रो पार्क इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के संरक्षक के.डी. अग्रवाल ने बताया कि इंकम टैक्स का दायरा बढ़ना चाहिए जिससे ज्यादा से ज्यादा व्यापारी खातों से लेन-देन करें। आयकर के नियमों को सरल किया जाए। रामनगर इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के महासचिव डी.एस. मिश्रा ने कहा कि छोटे व मध्यम स्तर के उद्योगों को बेस रेट पर बैंक से ऋण मिले, जिससे उनके उत्पाद बाजार में टिक सकें। बैंकों से ऋण लेना उद्यमियों के लिए आसान नहीं होता। बजट में ऋण प्रक्रिया सरल करने के लिए प्रावधान होने जरूरी हैं।

कुछ वर्षों तक आयकर में छूट जैसे हों प्रावधान 
उद्यमी दीपक माहेश्वरी ने बताया कि 3 साल तक जी.एस.टी. में छूट अथवा कुछ वर्षों तक आयकर में छूट जैसे प्रावधान हों, जिससे नए उद्यम लगाने के लिए उद्यमी आगे आएं। बैंक की ब्याज दर कम होनी चाहिए। अभी यह दर 11 से 12 प्रतिशत तक है जो डेढ़ से 3 प्रतिशत तक कम होनी चाहिए। इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन वाराणसी मंडल के सचिव अवधेश गुप्ता ने कहा कि बजट में पूर्वांचल के लिए विशेष पैकेज की घोषणा होनी चाहिए। लंबे समय से उद्यमी यह मांग कर रहे हैं। विशेष पैकेज से ही बैंक ऋण सस्ता होगा, बिजली की दरें कम होंगी और उद्यमी नए उद्योग लगाने के लिए प्रेरित होंगे। 

 

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