जुगाड़ियों ने लगाए जुगाड़, जानिए कैसे-कैसे लगाया पैसा ठिकाने

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Saturday, November 12, 2016-2:20 PM

नई दिल्लीः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 500 और 1000 रुपए के नोटों को बंद करने की घोषणा के बाद लोग बहुत परेशान हैं। सबसे ज्यादा परेशान तो कालाधन रखने वाले हैं वह अपना पैसा खपाने के लिए कई जुगाड़ लगा रहे हैं। ऐसे लोग इंटेलिजेंस एजेंसियों की नजर में हैं। 

कई ऑफिस या धंधे वालों ने अपने अंडर काम करने वालों को अडवांस सैलरी देना शुरू कर दिया है। कई लोगों ने तो अपने स्टाफ को अगले एक साल तक की सैलरी अडवांस में दे दी है। सूत्रों के अनुसार अपने पास जमा कैश को खपाने के लिए वह ये तरीके अपना रहे हैं। स्टाफ के लोग अपनी अडवांस सैलरी बैंक खातों में जमा कर देंगे जिससे ब्लैक मनी वाला नुकसान से बच जाएगा। 

कुछ ट्रेडर्स अपना कैश बिजनैस रेवेन्यू के रूप में जमा कर रहे हैं। इसे वह नोटबंदी की घोषणा के बाद सेल्स से मिला पैसा दिखाएंगे जिसकी पेमेंट बाद में हुई है। जिससे वह टैक्स देने से बच जाएंगे।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि वह इन सभी मामलों पर नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने कहा कि ब्लैक मनी आखिर में बैंकों तक पहुंच ही जाएगी और सरकार को इसका सटीक अनुमान लग जाएगा कि इकॉनमी में कितना ब्लैक मनी था। आरबीआई 31 मार्च तक कैश एक्सचेंज करेगा। उसके बाद ही पता चल पाएगा कि कितना ब्लैक मनी था।

एक अधिकारी ने बताया कि आने वाले विधानसभा चुनावों में बीजेपी के लिए एक मुद्दा होगा। इसके अलावा ब्लैक मनी के सिस्टम में आने से इकॉनमी को बूस्ट मिलेगा और बैंकों के पास भी काफी पैसा होगा जिससे इंट्रेस्ट रेट के कम होने की संभावना है।


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