तंबाकू कंपनियों में ह्रिस्सेदारी, केंद्र सरकार को नोटिस

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Wednesday, April 19, 2017-10:59 AM

मुम्बई: बॉम्बे हाईकोर्ट ने तंबाकू कंपनियों में सरकारी बीमा कंपनियों की हिस्सेदारी के मुद्दे पर केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है। उल्लेखनीय है कि सार्वजनिक क्षेत्र की बीमा कंपनी एल.आई.सी. ने सिगरेट बनाने वाली कंपनी आई.टी.सी. में निवेश कर हजारों करोड़ रुपए का लाभ कमाया है वहीं निजी बीमा कंपनियों की स्वास्थ्य के प्रति जवाबदेही की नीति के चलते सिगरेट कंपनियों से निवेश निकालने का फायदा एल.आई.सी. जैसी सरकारी कंपनियों को मिला है। यह नोटिस एक जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद जारी किया गया।

कोर्ट ने इस मामले पर अगली सुनवाई के लिए 27 अप्रैल की तारीख तय की है। याचिका में तंबाकू के इस्तेमाल पर केंद्र सरकार की दोहरी नीति पर सवाल उठाए गए हैं। दरअसल बॉम्बे मैमोरियल हॉस्पिटल के डाक्टर्स और टाटा ट्रस्ट के मैनेजिंग ट्रस्टी आर. वेंकटरमणन समेत 7 लोगों ने बॉम्बे हाईकोर्ट में एक याचिका दाखिल की थी। याचिका में कहा गया है कि एक तरफ  कैंसर रोकने के लिए बड़े अभियान चलाए जाते हैं और दूसरी तरफ  सरकारी बीमा कंपनियों की आई.टी.सी. में 32 प्रतिशत हिस्सेदारी है।
 

निवेश तंबाकू विरोधी रुख के खिलाफ 
याचिका में सरकारी कंपनियों के आई.टी.सी. और वी.एस.टी. इंडस्ट्रीज में निवेश पर सवाल उठाया गया है। याचिका में कहा गया है कि इन कंपनियों में किया गया निवेश भारत सरकार के राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर तंबाकू विरोधी रुख के खिलाफ  है। आपको बताते चलें कि इन दोनों कंपनियों के 1.03 लाख करोड़ के शेयर हैं। 

सरकारी कंपनियों के पास हैं शेयर 
4 सरकारी बीमा कंपनियों और स्पैसिफाइड अंडरटेकिंग ऑफ  द यूनिट ट्रस्ट ऑफ  इंडिया के पास आई.टी.सी. के 30.25 प्रतिशत शेयर हैं। एल.आई.सी. के पास आई.टी.सी. के 16.29 प्रतिशत और सूटी के पास 9.10 प्रतिशत शेयर हैं। सरकार ने 7 फरवरी को आई.टी.सी. में सूटी के जरिए रखी गई 2 प्रतिशत हिस्सेदारी एल.आई.सी. को बेचकर 6700 करोड़ रुपए जुटाए थे। 

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