बीजेपी की संसदीय बोर्ड की बैठक में नोटबंदी पर जेतली का बयान

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Tuesday, November 22, 2016-6:00 PM

नई दिल्लीः वित्त मंत्री अरुण जेतली ने आज कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कालाधन पर कार्रवाई कर साफ-सुथरे ढंग से लेन-देन के व्यवहार का एक ‘नया चलन’ शुरू किया है। उन्होंने आश्वस्त किया कि नोटबंदी से निजी निवेश में वृद्धि होगी और कल्याणकारी कार्यों पर सार्वजनिक व्यय बढ़ेगा। पुराने 1000 और 500 के नोटों का चलन खत्म करने के निर्णय के प्रभाव के बारे में भाजपा संसदीय दल को संबोधित करते हुए उन्होंने कांग्रेस के नेता राहुल गांधी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि एक तरफ तो उनकी पार्टी के नेता कहते हैं कि बड़े नोटों पर बंदी के फैसले की भाजपा के शीर्ष नेताओं को पहले ही अनुचित तरीके से जानकारी दे दी गई थी और दूसरी तरफ उनका (राहुल) का दावा है कि ‘‘वित्त मंत्री यानी मैं भी इस निर्णय से अवगत नहीं था।’’  

जेतली ने फैसले के सभी पहलुओं की विस्तार से जानकारी दी और कहा, ‘‘नोटों पर पाबंदी का गरीबों, गरीबी तथा गरीबी उन्मूलन के साथ सीधा संबंध है। उन्होंने कहा कि एक बार मुद्रा की अदला-बदली का काम एक समुचित स्तर तक पहुंच जाता है तो निकासी में ढील दी जाएगी। इस कदम के संभावित सकारात्मक परिणामों के बारे में वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार सालाना 4 से 5 लाख करोड़ रुपए का कर्ज लेता है। इस कदम के बाद इस कोष का उपयोग ग्रामीण क्षेत्रों के विकास एवं गरीबों के जीवन को बेहतर बनाने में किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि इस साल करीब 8 लाख करोड़ आयकर से तथा 8.5 लाख करोड़ अप्रत्यक्ष कर से आएंगे लेकिन इसके बावजूद देश को चलाने के लिए सरकार को अतिरिक्त 4 से 5 लाख करोड़ रुपए की आवश्यकता होती है।  

जेतली ने कहा, ‘‘इसीलिए अगर ईमानदारी से भुगतान का चलन देश में स्थापित होता है, तब क्या हमें (सरकार को अपने काम के लिए) कर्ज लेने की जरूरत रह जाएगी और एेसे में सालाना इन 4-5 लाख करोड़ रुपए के कर्ज को ग्रामीण क्षेत्रों में गरीबी उन्मूलन तथा अन्य इसी प्रकार के उपायों में उपयोग किया जा सकता है।’’ 


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