ट्रेनों में AC-2 कोच होंगे बंद, AC-3 कोच लगाने की तैयारी!

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Friday, April 21, 2017-1:20 PM

नई दिल्‍लीः  रेलवे सभी ट्रेनों से धीरे- धीरे एसी-टू कोच को हटा कर एसी–थ्री लगाने पर विचार कर रहा है। रेलवे का मानना है कि एसी-थ्री कोच से रेलवे को फायदा हो रहा है, जबकि एसी-टू के साथ ऐसा नहीं है। इसके अलावा ट्रेनों ऐसा करने से सीटों की संख्‍या भी बढ़ाई जा सकेगी। यही नहीं हाल ही में लागू किए गए फ्लैक्सी फेयर सिस्टम को भी यात्रियों के ठंडे रिस्‍पॉन्‍स के कारण खत्‍म किया जा सकता है। रेलवे बोर्ड के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार रेलवे की 13 हजार पैसेंजर ट्रेनों में धीरे-धीरे एसी-टू कोच कम किए जाएंगे। जिन-जिन पैसेंजर ट्रेनों में अभी 20 या 22 कोच लगते हैं, उन्हें बढ़ाकर 24 करने का फैसला हुआ था। ऐसी ट्रेनों में जो एक्स्ट्रा कोच बढ़ाए जाएंगे, वो एसी-थ्री के ही रहेंगे। रेलवे के सूत्रों ने का कहना है कि एसी-थ्री के कोच से ऑपरेशनल कॉस्ट निकल रही है। जो ट्रेनें पूरी तरह से एसी-थ्री हैं, उनसे रेलवे को प्रॉफिट भी हो रहा है।

रेलवे की अब कोशिश रहेगी कि ट्रेनों में नॉन-एसी स्लीपर कोच भी कम किए जाएं और उनकी जगह एसी-थ्री बढ़ाए जाएं। राजधानी, शताब्दी, दुरंतो ट्रेनों में फ्लैक्सी फेयर सिस्टम का भी रेलवे रिव्यू कर रहा है। इस सिस्टम को बंद करने और इसके बदले में ऑप्शनल सिस्टम लाने पर विचार हो रहा है। यह भी सोचा जा रहा है कि सभी ट्रेनों के बेसिक फेयर में 10% से 15% का इजाफा किया जाए। मंथली सीजन टिकटों के रेट भी बढ़ाए जाएं। फ्लैक्सी फेयर यानी कम होती सीटों के साथ बढ़ता किराया। पिछले साल सितंबर में रेलवे ने एविएशन सेक्टर की तर्ज पर इसकी शुरुआत की थी। 163 साल में पहली बार ट्रेनों में ऐसा सिस्टम शुरू हुआ था। 54 दुरंतो, 42 राजधानी और 46 शताब्दी एक्सप्रेस में यह लागू किया गया था। बीते दिसंबर में जब फुल AC हमसफर ट्रेन की शुरुआत हुई, तो उसमें भी फ्लैक्सी फेयर सिस्टम लागू किया गया। अभी कुल 143 ट्रेनों में इस सिस्टम में हैं।

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