इस साल त्यौहरों के मौसम में मकानों के बाजार में रोशनी कम

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Monday, October 10, 2016-1:25 PM

नई दिल्ली: रिजर्व बैंक के नीतिगत दर में 0.25 प्रतिशत की कटौती के बावजूद देश भर में जमीन-जायदाद के विकास से जुड़ी कंपनियों की त्यौहारों के दौरान बिक्री अधिक रहने की संभावना कम है। उद्योग मंडल एसोचैम के सर्वे के अनुसार, ‘‘अधिक कर्ज के बोझ तले दबे और लंबित परियोजनाओं को पूरा कर और उसे निर्धारित समय के बाद भी उपभोक्ताओं को सौंपने में असमर्थ रियल्टी क्षेत्र समस्याओं में घिरा है। रिजर्व बैंक के नीतिगत दर में हाल में कटौती के बावजूद त्यौहारों के दौरान कोई गतिविधियां नहीं देखी जा रही है।’’  

दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र, मुंबई, बैंगलूर, चेन्नई, कोलकाता, अहमदाबाद, हैदराबाद, पुणे, चंडीगढ़, और देहरादून में 250 बिल्डरों से प्राप्त सूचना के आधार पर सर्वे में पाया गया कि नई परियोजनाओं के लिए मांग कम है जबकि ग्राहकों में भरोसा की कमी तथा कंपनियों के पास नकदी की कमी से नई परियोजनाएं इक्का-दुक्का शुरू हो रही हैं। 

सर्वे के अनुसार निर्माण गतिविधियों में करीब 80 से एक करोड़ कर्मचारी कार्यरत हैं, एेसे में अगर क्षेत्र पटरी पर नहीं आता है तो इनका भविष्य अनिश्चित बना हुआ है।   इसमें कहा गया है कि दिल्ली-एनसीआर और मुंबई में नई शुरूआत के लिए मांग 50 से 60 प्रतिशत से अधिक कम हुई है जबकि हैदराबाद और चेन्नई में यह करीब 40 से 45 प्रतिशत है। बैंगलूर में गतिवधियां लगभग स्थिर हैं। इसका कारण पहले अवैध निर्माण का तोड़-फोड़ तथा कावेरी विवाद को लेकर आंदोलन है। 


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