फ्री इंटरनैट के बाद अब LPG सिलैंडर बेचने उतरी रिलायंस इंडस्ट्री

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Sunday, October 23, 2016-6:41 PM

नई दिल्ली: दुनिया की सबसे बड़ी तेल रिफाइनरी परिसर की परिचालक रिलायंस इंडस्ट्रीज रसोई गैस की खुदरा बिक्री के क्षेत्र में उतर गई है। कंपनी ने पायलट आधार पर 4 किलोग्राम का एल.पी.जी. सिलैंडर पेश किया है।   

रिलायंस इंडस्ट्रीज ने दूसरी तिमाही के नतीजों की घोषणा के समय निवेशकों के समक्ष प्रस्तुतीकरण में कहा, ‘‘4 किलोग्राम का एल.पी.जी. सिलैंडर पायलट आधार पर चार जिलों में पेश किया गया है।’’ एल.पी.जी. की खपत 10 प्रतिशत की दर से बढ़ रही है। निजी क्षेत्र की रिफाइनरी कंपनियां रिलायंस इंडस्ट्रीज और एस्सार आयल इसमें अपनी हिस्सेदारी पाना चाहती हैं।  

फिलहाल सार्वजनिक क्षेत्र की पैट्रोलियम कंपनियां इंडियन आयल, भारत पैट्रोलियम तथा हिंदुस्तान पैट्रोलियम की एल.पी.जी. के खुदरा बाजार पर कब्जा है। ये कंपनियां 5 किलोग्राम, 14.2 किलोग्राम तथा 19 किलोग्राम का सिलैंडर बेचती हैं। उपभोक्ताओं को एक साल में 14.2 किलोग्राम के 12 रसोई गैस सिलैंडर सबसिडी वाले मूल्य पर मिलते हैं। इससे अधिक सिलैंडर के लिए उन्हें बाजार कीमत चुकानी होती है। 19 किलोग्राम का सिलैंडर व्यावसायिक इस्तेमाल के लिए होता है।   

निजी कंपनियों को सरकार से सबसिडी नहीं मिलती है लेकिन सरकार द्वारा सबसिडी में कमी करने तथा 10 लाख रुपए से अधिक की सालाना आय वालों के लिए एल.पी.जी. सबसिडी बंद करने से इन निजी क्षेत्र की कंपनियों के लिए बाजार बन गया है। रिलायंस ने अपने 4 किलोग्राम के एल.पी.जी. सिलैंडर के दाम के बारे में नहीं बताया है।  


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