जिंस में सुधार की होगी धार

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Wednesday, October 12, 2016-1:45 PM

मुंबईः एक्सचेजों पर जोखिम प्रबंधन बेहतर बनाने के लिए जिंस बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूमि एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) उन जिंसों और अनुबंधों में कारोबार निलंबित करने पर विचार कर रहा हैै, जो अब कारोबार में लगभग नहीं हैं। सेंबी ने जिंस डेरिवेटिव का नियमन अपने हाथों में लेने के पहले साल में जिंस एक्सचेजों पर जोखिम प्रबंधन में सुधार पर ध्यान दिया है और यहां भी संभव है इन्हें डक्विटी डेरिवेटिव के साथ जोड़ने की कोशिश की जा रही है। 

दूसरे साल में नई योजनाएं शुरू करने और नए भागीदारों को अनुमति देने के साथ ही जोखिम प्रबंधन पर ध्यान देना जारी रहेगा। इस बारे में एक सूत्र ने बताया कि सेबी जिंसो के नियामन में पेश आने वाली संभावित दिक्कतें भी दूर करने पर ध्यान देगा। इसके तहत एक्सचेंजों को उन जिंसों का कारोबार रोकने के लिए कहा जाएगा जिनके सौदे नहीं हो रहे हैं या काफी कम हो रहे हैं। सभी तीनों प्रमुख जिंस एक्सचेंजों में ऐसी जिंस हैं, जिनके सौदे नहीं हो रहे हैं और हो भी रहे हैं तो इनकी संख्या काफी कम है। छोटे या इल्क्विड शेयरों का गलत इस्तेमाल कर कयासों को हवा दी जा सकती है।

रोजाना औसत कारोबार पर आधारित आंकड़ों के अनुसार एमसीएक्स पर 29 जिंसों में 10 का कारोबार नहीं हो रहा है या एक्सचेंज पर होने वाले कुल कारोबार में इनका योगदान आधे प्रतिशत से भी कम है। 4 जिंसों का योगदान कुल कारोबार में 0.5 से 1 प्रतिशत तक है। सितंबर 2016 में एमसीएक्स का रोजाना औसत कारोबार 23,755.74 करोड़ रुपए था।

इसी तरह कृषि जिंस एक्सचेंज एनसीडीईएक्स पर कुल 27 सूचीबद्ध जिंसों में 11 ऐसी हैं, जिनका कारोबार नहीं हो रहा है। एनसीडीईएक्स पर सितंबर में रोजाना औसत कारोबार 2246.13 करोड़ रुपए हुआ था। 


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