निजी क्षेत्र में भंडारित कृषि उत्पादों की जानकारी की प्रणाली विकसित

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Wednesday, November 09, 2016-3:33 PM

नई दिल्लीः कृषि एवं सहकारिता विभाग के सचिव एस के पटनायक ने आज कहा कि देश में निजी क्षेत्र में भंडारण किए गए कृषि उत्पादों के आकलन की प्रणाली विकसित कर ली गई है और इससे समय से खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने की योजना बनाने में मदद मिलेगी। पटनायक ने निजी खाद्यान्न भंडारों की मापन व्यवस्था के तरीकों और द्रष्टिकोण पर अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी का उदघाटन करते हुए कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र में भंडारण किए कृषि उत्पादों की जानकारी सभी को रहती है लेकिन निजी क्षेत्र में भंडारित सामान का पता लगाना कठिन है। उन्होंने कहा कि विश्व में कोई भी व्यक्ति भूखा नहीं रहे इसके लिए जरूरी है कि सार्वजनिक और निजी क्षेत्र में खाद्यान्नों के भंडार की सही जानकारी हो। कुछ देशों में खाद्यान्नों के भंडार के आकलन की वैज्ञानिक प्रणाली विकसित कर ली गई है जबकि बहुत से देशों में सटीक जानकारी की प्रणाली नहीं है।

पटनायक ने कहा कि वर्ष 2007 में वैश्विक स्तर पर खाद्यान्नों की कमी के कारण इनके दामों में काफी वृद्धि हुई थी और भारत भी प्रभावित हुआ था। इसके बाद दुनिया के नीतिनिर्धारकों की नजर इस समस्या की ओर गई तथा वैश्विक स्तर पर चावल, गेहूं, मक्का और सोयाबीन की मांग और आपूर्ति पर नजर रखने का फैसला लिया गया। खाद्य और कृषि संगठन (एफएओ) तथा कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय निजी खाद्यान्न भंडारों की मापन व्यवस्था के तरीकों और द्रष्टिकोण पर 3 दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित कर रहा है। यह संगोष्ठी कृषि बाजार सूचना प्रणाली को मजबूत बनाने वाली परियोजना का एक हिस्सा है।  

संगोष्ठी में ऑस्ट्रेलिया, बंगलादेश, ब्राजील, चीन, यूरोपीय संघ के देशों, भारत, इंडोनेशिया, जापान, मेक्सिको, नाइजीरिया, फिलीपींस, थाईलैंड, यूक्रेन, वियतनाम, अमरीका और एफएओ तथा अन्य अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं।  संगोष्ठी में राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय विशेषज्ञ निजी खाद्यान्न भंडारों के मूल्यांकन, माप एवं आकलन में उनके प्रणाली और अनुभवों को सांझा करेंगे। इस तरह के आकलन से प्रगतिशील और आधुनिक कृषि नीतियों और कार्यों के लिए निर्णय करने में सक्षम बनाएंगे।
 


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