सुप्रीम कोर्ट का आदेश: प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारियों की 1200 % बढ़ी पेंशन

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Wednesday, November 22, 2017-6:23 PM

नेशनल डेस्क: सरकारी नौकरी से रिटायर कर्मचारी को आजीवन पेंशन मिलती है, और वेतन आयोग समय-समय पर पेंशन में बढोतरी भी करता रहता है। लेकिन सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के बाद प्राइवेट नौकरी करने वाले एक शख्स के पेंशन में 10 या 20 प्रतिशत की नहीं बल्कि 1200 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई।

प्रवीण कोहली की पेंशन में यह बदलाव सुप्रीम कोर्ट के अक्टूबर 2016 के एक आदेश के बाद आया,इस फैसले में कोर्ट ने ईपीएफओ को एंप्लॉयी पेंशन स्कीम (ईपीएस) के तहत 12 याचिकाकर्ताओं की पेंशन रिवाइज करने को कहा था।

दरअसल हरियाणा टूरिज्म कॉरपोरेशन से बतौर महाप्रबंधक रिटायर होने वाले प्रवीण कोहली को पिछले चार साल बाद पेंशन में 1200 फीसदी की बढ़ोतरी देखने को मिली है। पहले कोहली मात्र 2,372 रुपए ही पेंशन पाते थे, लेकिन उन्हें इस साल एक नवंबर को 30,592 रुपए प्रति माह के हिसाब से पेंशन मिली।

गौरतलब है कि संगठित क्षेत्र का हर कर्मचारी अपनी बेसिक सैलरी और महंगाई भत्ते का 12 फीसदी ईपीएफ में जमा करता है। जिसमें करीब 8.33 फीसदी राशि नियोक्ता(कंपनी) की ओर से ईपीएस में जमा कराई जाती है। यदि कोई व्यक्ति नौकरी छोड़ता है, इस स्थिति में केवल वह ईपीएफ में जमा राशि ही उतार सकता है। ईपीएस की राशि पेंशन के दौरान ही दी जाती है।

ईपीएस योगदान की भी एक सीमा है, यानि जिस व्यक्ति का वेतन डीए और बेसिक सहित करीब 15000 रुपए है, उसे ही नियोक्ता की ओर से 8.33 फीसदी ईपीएस में जमा कराई जाती है। उदाहरण के लिए हर माह 15000 रुपए सैलरी का 8.33 फीसदी यानि 1250 रुपए ईपीएस में जमा कराई जाती है।

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