'आजाद चले गए पर दिल में हैं बसे'

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Tuesday, August 20, 2013-8:25 AM

चंडीगढ़: शहर के सभी क्रिकेट कोचों को डी.पी. आजाद से प्रेरणा लेनी चाहिए। यह बात फ्लाइंग सिख मिल्खा सिंह ने डी.पी. आजाद की रस्म पगड़ी पर कही। उन्होंने कहा कि आजाद तो चले गए लेकिन वह शहर के हर खिलाड़ी के दिल में बसे हैं और उनके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता।

मिल्खा सिंह ने आजाद को श्रद्धांजलि दी तथा संदेश में लिखा कि भगवान आजाद की आत्मा को शांति दें। उन्होंने कहा कि किसी भी खिलाड़ी को बनाने में कोच का सबसे अधिक योगदान होता है। मिल्खा ने बताया कि 1960 में आजाद से मिले थे और उनके अनुशासन को देखकर काफी प्रभावित हुए। एक कोच को जिस हिसाब से कोचिंग देनी चाहिए वह सभी गुर आजाद में थे।

खिलाडिय़ों से ज्यादा कोचों को करनी पड़ती है मेहनत

मिल्खा सिंह ने कहा कि कोच को खिलाडिय़ों से ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। उन्होंने कहा कि आजाद मैदान में खिलाडिय़ों से आधा घंटा पहले ही पहुंच जाते थे और उनके लिए नीति बनाते थे कि किस खिलाड़ी को किस पर ज्यादा ध्यान देना है व उसकी कमजोरियों को भी ध्यान में रखकर उससे 2 घंटे की बजाय 3-4 घंटे नैट पर अभ्यास करवाया करते थे।

उन्होंने कहा कि जब तक कोच हार्डवर्क नहीं करेगा तब तक उसके खिलाड़ी भी हार्डवर्क नहीं कर सकते। इसलिए उन्होंने कहा कि हर कोच को आजाद के नक्शे कदम पर चलना चाहिए।

कम इंफ्रास्ट्रक्चर फिर भी शहर से निकले कई खिलाड़ी


मिल्खा सिंह ने कहा कि जिस समय आजाद सैक्टर-16 क्रिकेट स्टेडियम में खिलाडिय़ों को क्रिकेट के गुर सीखाते थे उस समय इंफ्रास्ट्रक्चर का काफी अभाव था लेकिन आजाद ने उस समय शहर से करीब 5 ऐसे अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी निकाले जिन्होंने न केवल शहर का नाम रोशन किया बल्कि देश का भी नाम रोशन किया।

उन्होंने कहा कि जिस समय मेरे पास समय होता मैं सैक्टर-16 क्रिकेट स्टेडियम पहुंच जाता था और वहां आजाद कहते थे 2 मिनट बैठो पहले मैं खिलाडिय़ों को अभ्यास करवा लूं, इसके बाद मिलता हूं। इस बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि वह अपने काम के प्रति कितने संजीदा थे।

हमेशा दिलों में रहेंगे आजाद

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व खिलाड़ी व किंग्स इलैवन के तेज गेंदबाज मनप्रीत सिंह गोनी ने कहा कि आजाद आज हमारे पास भले नहीं हैं लेकिन वह हमारे दिलों में हमेशा रहेंगे। उन्होंने कहा कि जब मैं स्टेडियम में अभ्यास करता था तो वह हमेशा पैरों को देखते थे कि कहीं नो बाल तो नहीं कर रहे हैं। वह समझाते थे कि जब नैट पर नो बाल नहीं डालेंगे तो मैच में भी नो बाल नहीं होगी। क्रिकेट को उन्होंने काफी कुछ दिया है।


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