GST के मुद्दे पर राज्यसभा सांसद ने केंद्र सरकार पर किया कड़ा प्रहार, कहा-हर वर्ग है परेशान

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Monday, July 17, 2017-1:07 PM

पंचकूला(मुकेश) : वस्तु एवं सेवा कर (जी.एस.टी.) के मुद्दे पर राज्यसभा सांसद कुमारी शैलजा ने फिर से केंद्र सरकार पर कड़ा प्रहार किया है। शैलजा ने कहा कि नोटबंदी की आड़ में सरकार ने इंस्पैक्टरी राज स्थापित कर दिया। इसकी वजह से न केवल व्यापारी परेशान होंगे बल्कि छोटे दुकानदारों पर भी आर्थिक संकट आएगा। उन्होंने कहा कि जी.एस.टी. से किसान व मजदूरों को भी मुश्किल पेश आएगी। 

 

सैलजा रविवार को पंचकूला के सैक्टर-5 स्थित इंद्रधनुष ऑडीटोरियम में आयोजित व्यापारी-दुकानदार सम्मेलन में उमड़े जनसैलाब को संबोधित कर रही थी। उन्होंने कहा कि अब व्यापारी कारोबार नहीं करेगा बल्कि कारोबार चलाने के लिए दस्तावेजी कार्रवाई में उलझा रहेगा। इससे उसका कारोबार प्रभावित होगा। 

 

उन्होंने कहा कि जी.एस.टी. से जनता को राहत नहीं बल्कि कड़ी मुश्किल पेश आएगी। इस मौके पर कृष्ण पाल गुज्जर, ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के सदस्य प्रताप चौधरी, तरसेम गर्ग, राजबीर चौधरी,पवन मित्तल, जलमेधा दहिया,  पार्षद भावना गुप्ता, पार्षद लिलि बावा, आर.सी, गुप्ता, जगदीश राय, धर्मपाल तूर, मुकेश मल्होत्रा, कुलदीप चितकारा, राजीव चितकारा समेत अन्य जिलों से सैंकड़ों की संख्या में कांग्रेसी कार्यकत्र्ता मौजूद थे। 

 

शैलजा बोली हमारा जी.एस.टी. जनहित में था : 
पूर्व केंद्रीय मंत्री कुमारी शैलजा ने कहा कि तत्कालीन यू.पी.ए. सरकार द्वारा  प्रस्तावित जी.एस.टी. जनहित में था, जबकि कांग्रेस व भाजपा के जी.एस.टी. में जमीन आसमान का अंतर है। 

 

उन्होंने कहा कि कांग्रेस द्वारा प्रस्तावित जी.एस.टी. में देशभर में केवल 12 फीसदी टैक्स लगाने की व्यवस्था थी, जबकि 45 प्रतिशत वस्तुओं को  टैक्स के दायरे से  बाहर रखा था। इससे इंस्पैक्टरी राज से मुक्ति का रास्ता निकलना तय था जबकि भाजपा द्वारा लागू किए गए जी.एस.टी. में 29 प्रतिशत  वस्तुएं ही जी.एस.टी. के दायरे से बाहर हैं। 

 

कारोबारियों की मुश्किलें बढ़ेंगी :
कुमारी सैलजा ने कहा कि जी.एस.टी. से कारोबारियों की मुश्किलें  बढ़ेंगी। उन्हें हर महीने  तीन-तीन रिटर्न दाखिल करनी होंगी। उस कारोबारी के लिए तो और भी मुसीबत रहेगी जिसका व्यापार देशभर में फैला होगा। शैलजा ने कहा कि आजादी के बाद देश में कभी कपड़े पर टैक्स नहीं लगा था लेकिन मोदी सरकार ने यह कसर भी पूरी कर दी है।

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