सैंट्रों कार में आए नकाबपोश लुटेरे, 18 मिनट में करोड़ों की लूट को दे गए अंजाम

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Thursday, January 11, 2018-8:33 AM

चंडीगढ़(सुशील) : सैक्टर-33 में मंगलवार रात व्यापारी की कोठी में गन प्वाइंट पर की गई करोड़ों की लूट को महज 18 मिनट में अंजाम दिया गया था। लुटेरे कोठी में रात 7 बजकर 18 मिनट पर घुसे और वारदात को अंजाम देकर 7:36 मिनट पर बाहर आए थे। 

 

यह खुलासा सी.सी.टी.वी. कैमरे की फुटेज जांचने के बाद हुआ है। फुटेज में लुटेरों की गाड़ी का नंबर साफ नहीं दिख रहा। अब पुलिस विदेश से खरीदे गए सॉफ्टवेयर की मदद से कार का नंबर साफ करने में लगी है। व्यापारी अजीत जैन की पत्नी रितु जैन ज्वैलर डिजाइनर है और कोठी में ही गहने डिजाइन करने का काम करती है। 

 

वह रितु जैन्स ज्वैलर्ज बुटीक नाम से ही ऑनलाइन गहनों का व्यापार करती है। इसी के चलते कोठी में डेढ़ करोड़ रुपए से ज्यादा कीमत के गहने रखे थे। पुलिस सूत्रों से पता चला कि लूटे गए गहनों की कीमत करीब 4 करोड़ हो सकती है। अभी सारा रिकार्ड जांचा जा रहा है।

 

लिस्ट बनाकर पूछताछ के लिए बुलाया :
प्राथमिक जांच में सामने आया कि लुटेरों को कोठी में रखे सारे सामान की जानकारी थी और शक है कि इसमें कोई जानकार शामिल हो सकता है। पुलिस पुराने नौकर, ड्राइवर, सिक्योरिटी गार्ड्स और कस्टमर्स का रिकार्ड जांच रही है। पुलिस ने पुराने नौकरों की लिस्ट बनाकर उन्हें पूछताछ के लिए बुधवार को बुलाया। जांच में पता चला कि लुटेरों को पता था कि ड्राइवर अविनाश और वॉचमैन भगवानदास मार्किट में सामान लेने गए थे। लुटेरों ने पहले कोठी के अंदर रहने वाले लोगों और रास्तों की पूरी रैकी की है। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास का मोबाइल डम्प डाटा उठाया है। 

 

ड्राइवर और वॉचमैन गए थे मार्कीट :
घटना के समय रितु जैन के साथ कोठी में उनकी बेटी और नौकर देवराज मौजूद था। अजीत जैन सैक्टर-16 गए थे और ड्राइवर और वॉचमैन मार्कीट। लुटेरों सैंट्रों कार में आए और कोठी के सामने गेट पर कार रोकी। गाड़ी से दो नकाबपोश उतरे और छोटे गेट से अंदर गए और कमरे में घुसते ही उन्होंने रितु जैन पर पिस्टल तानी और तिजौरी के बारे में पूछा।

 

इतने में उनकी बेटी किचन से बाहर आई तो वह लुटेरों को देख रसोई की तरफ भागी। लुटेरे भी उसके पीछे भागे। रितु जैन की बेटी रसोई का दरवाजा खोलकर लॉन में गई तो नौकर ने रसोई का दरवाजा बंद कर दिया। इतने में दो नकाबपेाश लुटेरे कोठी में आए और नौकर देवराज और रितु जैन की बेटी को पकड़कर कमरे ले गए और वहां चारों लुटेरों ने अलमारी में रखे सोने के गहने बैग में डाले। 

 

रितु के विरोध करने पर लुटेरों ने उनके माथे पर हमला भी किया। इतने में मार्कीट से सामान लेकर जब ड्राइवर और वॉचमैन लौटे तो लुटेरों ने उन पर भी पिस्टल तान दी। फिर लुटेरों ने सभी को एक कमरे में बंद कर दिया और फिर उनके मोबाइल छीने और कार में फरार हो गए। हालांकि ड्राइवर अविनाश ने एक फोन छिपा दिया था जिससे उन्होंने अजीत जैन को लूट की जानकारी दी। कोठी में जाने से पहले लुटेरो ने गेट के पास मौजूद कुत्ते को नशीला पदार्थ खिलाया।  

 

मोबाइल मिले अस्पताल के पास, डी.वी.आर. ले गए :
लुटेरों द्वारा छीने गए मोबाइल की पुलिस ने जब लोकेशन जांची तो इनकी लोकेशन लैंडमार्क अस्पताल के पास मिली।  पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की तो उन्हें वहां मोबाइल मिले। इसके अलावा लुटेरे पहचान छिपाने के लिए बिजनेमसैन के घर से जाते-जाते डी.वी.आर. साथ ले गए। कोठी में 8 कैमरे लगे हुए थे। 

 

पंजाबी और हिंदी भाषा में बात कर रहे थे लुटेरे :
करोड़ो के गहनों की लूट करने वाले लुटेरे पंजाबी और हिंदी में आपस में बातचीत कर रहे थे। पुलिस ने बताया कि उनकी उम्र करीब 24 से लेकर 32 के बीच में  होगी। एक लुटेरा कोठी के बाहर नजर बनाए हुए था। अजीत जैन ने कहा कि उनकी किसी से कोई दुश्मनी नहीं है और न ही किसी पर श

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