चाणक्य नीति: व्यक्ति को रखना चाहिए इस बात का ध्यान, नहीं तो लोग उठा सकते हैं उंगली 

  • चाणक्य नीति: व्यक्ति को रखना चाहिए इस बात का ध्यान, नहीं तो लोग उठा सकते हैं उंगली 
Sunday, October 16, 2016-4:17 PM

आचार्य चाणक्य का जन्म करीब 300 ईसा पूर्व में हुआ माना जाता है। महान राजनीतिज्ञ अौर कुटनीतिज्ञ होने के साथ-साथ इन्होंने मौर्य साम्राज्य की स्थापना व चन्द्रगुप्त मौर्य को सम्राट बनाने में अहम भूमिका निभाई थी। पाटलिपुत्र से संबंध होने के कारण उसे इन्होंने अपनी कर्मभूमि बनाया। आचार्य चाणक्य एक बड़े दूरदर्शी विद्वान थे। चाणक्य जैसे बुद्धिमान, रणनीतिज्ञ, चरित्रवान व राष्ट्रहित के प्रति समर्पित भाव वाले व्यक्ति भारत के इतिहास में ढूंढने से भी बहुत कम मिलते हैं। इनकी नीतियों में उत्तम जीवन का निर्वाह करने के बहुत से रहस्य समाहित हैं, जो आज भी उतने ही कारगर सिद्ध होते हैं। जितने कल थे। इन नीतियों को अपने जीवन में अपनाने से बहुत सी समस्याओं से बचा जा सकता है। चाणक्य के अनुसार व्यक्ति को अपने वस्त्रों पर ध्यान रखना चाहिए।

 

उद्धतवेषधरो न भवेत्।


भावार्थ: समाज में रहते हुए व्यक्ति को अपनी वेशभूषा पर विशेष ध्यान रखना चाहिए ताकि उस पर लोग उंगली न उठा सकें।


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