शास्त्रों के अनुसार, जानिए कहां वास करती हैं लक्ष्मी

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Thursday, September 01, 2016-11:16 AM
सभी के मन में यह स्वाभाविक जिज्ञासा होती है कि धन की देवी लक्ष्मी किस स्थान पर वास करती हैं। कौन-सा स्थान या कौन-सी वस्तु उनके वास के लिए उपयुक्त है। इस पर हिंदू धर्म के ग्रंथों में विशद वर्णन है।
 
* अनाज का सम्मान करने वाले के घर में।
 
* जो दान करे, निर्धनों की सहायता करे।
 
* मंत्र सिद्ध श्री यंत्र, कनकधारा यंत्र, कुबेर यंत्र जहां हैं।
 
* आंवले, शंख कमल, श्वेत वस्त्र में लक्ष्मी बसती है।
 
* मधुर वाणी, कर्म प्रिय, क्रोध हीन, उदार व ईश्वर भक्त के घर।
 
* जहां उत्सव हो, शिवपूजा हो, सुबह-शाम पूजा हो।
 
* जहां लक्ष्मी की पूजा, आराधना व अनुष्ठान हो।
 
* कमल गट्टे की माला, एकाक्षी नारियल, दक्षिणवर्ती शंख, पारद शिवलिंग व जहां कन्या का सम्मान हो, वहां लक्ष्मी निवास करती है।
 
* जो जल में आंवला डालकर स्नान करे एवं एकादशी के दिन भगवान विष्णु को आंवला अर्पण करे, लक्ष्मी उसके पास रहती है।
 
* जहां माता-पिता, गुरु का सम्मान हो, सदाचारी धर्मज्ञ हो, भक्तिभाव हो।
 
* जहां पशु-पक्षी हों, परिवार में कलह न हो।
 
* जहां कोई झूठ न बोले, घमंड न हो, मानवता व प्रेम हो।
 
* जहां नित्य स्नान हो, साफ-सफाई हो, स्त्री का सम्मान हो।
 
लक्ष्मी पुराण में इसी तरह की बहुत-सी बातों का उल्लेख लक्ष्मी व केशव संवाद के रूप में आया है। ब्रह्मा व नारद वार्ता में भी यही बताया गया है। रुकमणि-लक्ष्मी संवाद में भी लक्ष्मी ने अपने वास की जानकारी दी है। 

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