आंवला नवमी: सूर्यास्त से पहले दुकान के गल्ले और घर की तिजोरी में करें ये उपाय

You Are HereLent and Festival
Wednesday, November 09, 2016-10:25 AM

9 नवंबर को आंवला नवमी है, माना जाता है की कार्तिक शुक्ल पक्ष की नवमी को श्री हरि विष्णु आवंले के पेड़ पर वास करते हैं और पूर्णिमा तक वहीं रहते हैं। इस दिन देवी लक्ष्मी संग किया जाता है भगवान विष्णु का पूजन।  इसके अतिरिक्त कुछ ऐसे उपाय हैं जो आज के दिन किए जाएं तो पारिवारिक सुख-सुविधाओं के साथ मिल सकता है स्वर्ग का अधिकार।


* 9 आंवले श्री हरि विष्णु के चरणों से स्पर्श करवाकर सुखा लें, कार्तिक पूर्णिमा के दिन लाल कपड़े में लपेटकर दुकान के गल्ले में स्थापित करें। 


* सूखे आंवले लाल रंग के कपड़े में लपेट कर मौली से बांध कर पोटला बना लें, सूरज ढलने से पहले घर की तिजोरी में स्थापित करें।


* सिर में आंवले का तेल लगाएं।


* लाल रंग के वस्त्र पहनें।


* आंवले का रस पिएं।


* आंवला खाएं।


* आंवला दान करें।


* आंवले के पेड़ पर धूप-दीप अर्पित करें।


* आंवले के पेड़ की पूर्व दिशा में खड़े होकर उसकी जड़ में दूध अर्पित करें।


* लोक मान्यता के अनुसार आंवला नवमी के दिन जो जातक 108 बार परिक्रमा करता है उसके मन की हर मुराद पूरी होती है। संभव न हो तो सात परिक्रमा अवश्य करें।


* आंवले के पेड़ के नीचे बैठकर परिवार सहित भोजन करें।


* जनश्रुति के अनुसार, आज के दिन जो व्यक्ति बीज युक्त कुम्हणा किसी ब्राह्मण को दान में देता है, उसे उतने साल तक स्वर्ग में रहने का अधिकार मिलता है जितने बीज उसने दान में दिए होते हैं।

आचार्य कमल नंदलाल
ईमेल: kamal.nandlal@gmail.com

 


विवाह प्रस्ताव की तलाश कर रहे हैं ? भारत मैट्रीमोनी में  निःशुल्क  रजिस्टर  करें !

Recommended For You