दीपावली पर करें शनिदेव की प्रसन्नता व लक्ष्मी जी के करिश्माई उपाय, पूरी होगीं मुरादें

  • दीपावली पर करें शनिदेव की प्रसन्नता व लक्ष्मी जी के करिश्माई उपाय, पूरी होगीं मुरादें
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Saturday, November 02, 2013-7:10 AM
समुद्र मंथन के वक्त लक्ष्मी जी से पहले उनकी बडी बहन अलक्ष्मी (ज्येष्ठा या दरिद्रा) का आगमन हुआ। लक्ष्मी जी ने श्री विष्णु से विवाह कर लिया। अलक्ष्मी जी लक्ष्मी जी से नाराज हो गई। उनको मनाने के लिए श्री विष्णु ने अलक्ष्मी को अपने प्रिय वृक्ष पीपल में रहने को कहा और उनको वचन दिया कि," मैं और लक्ष्मी जी प्रत्येक शनिवार तुमसे मिलने पीपल वृक्ष पर आया करेंगे।"

शनिवार को श्री विष्णु और लक्ष्मी जी पीपल वृक्ष के तने में निवास करते हैं इसलिए शनिवार को पीपल वृक्ष की पूजा, दीपदान, जल व तेल चढाने और परिक्रमा लगाने से पुण्य की प्राप्त होती है और लक्ष्मी नारायण भगवान व शनिदेव की प्रसन्नता होती है जिससे कष्ट कम होते हैं और धन-धान्य की वृद्धि होती है।

1 दीपावली के दिन शनिदेव की प्रसन्नता व लक्ष्मी जी की कृपा प्राप्ति हेतु महालक्ष्मी पूजन के मुहूर्त में हवन ज़रूर करें। 2 शनि मंत्र का और श्री यंत्र का अभिषेक पंचामृत से करें।

3 आर्थिक वृद्धि के लिए प्रत्येक शनिवार को गेहूं पिसवाएं तथा गेहूं में कम से कम एक मुट्ठी काले चने अवश्य पिसवाएं।

4 शास्त्रों में वर्णित है पूर्णिमा के दिन प्रात: 10 बजे पीपल के वृक्ष पर मां लक्ष्मी जी का फेरा लगता है। जो जातक आर्थिक रूप से परेशान हो या उसकी कोई भी समस्या हो वो इस समय पीपल के वृक्ष के पास जाए वहां जाकर पूजन करें, जल चढ़ाएं और लक्ष्मी जी की उपासना करने के उपरांत लक्ष्मी मंत्र की कम-से-कम एक माला करके आए।

5 निम्न मंत्रों का जाप दीपावली के दिन करने से शनिदेव का प्रकोप शांत होता है और महालक्ष्मी जी शीघ्र प्रसन्न हो जाती हैं।

शनि महामंत्र ऊँ नीलांजन समाभासं रवि पुत्रं यमाग्रजम्। छाया मार्तण्ड सम्भूतं तम् नमामि शनैश्चरम्।।

महालक्ष्मी मंत्र

ऊँ श्रीं ह्यीं कमले कमलालये प्रसीद श्रीं ह्यीं श्रीं ऊँ महालक्ष्मये नम:।

6 घर में या घर के आस-पास कोई विधवा महिला हो तो दीपावली वाले दिन उसे भोजन, उपहार, वस्त्र आदि श्रद्धा से अवश्य देना चाहिए। ऐसा करने से सुहाग अमर होता है और परिवार में सुख बढ़ता है। अगर विधवा महिला न हो तो वृद्धा आश्रम में जाकर यह उपाय करें।

7 शनिवार को पीपल पर जल व तेल चढाना, दीप जलाना, पूजा करना या परिक्रमा करना अति शुभ होता है।


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