अनिष्ट शक्तियों के कष्ट से बचने के लिए सुरक्षात्मक उपाय

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Thursday, November 21, 2013-9:56 AM

आज गुरुवार है देवताओं के गुरु बृहस्पति देव जी का दिन है। महर्षि अंगिरा के पुत्र बृहस्पति देव विद्या, बुद्धि, सुख, सौभाग्य के दाता हैं। जीवन के इन पक्षों से संतुष्ट व्यक्ति नि:संदेह भाग्यशाली होगा। एक महत्वपूर्ण ग्रंथ के श्लोक में वर्णित है कि ब्रह्मा ने कष्ट एवं दु:ख के भवसागर को पार करने के लिए बृहस्पति और शुक्र नामक दो चप्पू बनाए। इनकी सहायता से व्यक्ति दोष रूपी समंदर को पार करके दूसरे किनारे पहुंच सकता है, जहां शुभ कर्म हैं अत: सात्विक गुणों के प्रदाता बृहस्पतिदेव ही हैं। जातक के अन्दर आध्यात्मिक ताकत का उदय बृहस्पति भगवान की पूजा से प्राप्त हो जाता है।

गुरु के लिए उपाय :

1 विवाह में आने वाली बाधाओं को दूर करने के लिए बृहस्पति देव के समक्ष घी का दीपक जलाकर, हल्दी का तिलक लगाएं, पीले फूल चढ़ाएं, केसर वाली पीली बर्फी का भोग लगाएं और ॐ ऐं क्लीं बृहस्पतये नमः मंत्र का जाप हल्दी गांठ की माला पर करें।

2 अगर आपको कंठमाला या गले सम्बंधित रोग हैं तो ॐ ऐं क्लीं बृहस्पतये नमः मंत्र का नियमित जाप गुरुवार से प्रारंभ करते हुए रोजाना करें।

3 अगर आप को नींद नहीं आती तो गुरुवार के दिन केवांच की जड़ पीसकर माथे पर लगा लें 11 गुरुवार लगाने से अनिद्रा की शिकायत दूर हो जाएगी।

4 गुरुवार को शुभ मुहूर्त में पीपल की समिधाओं से हवन करने से पारिवारिक कलह और शत्रु पीड़ा से मुक्ति मिलती है।

5 अविवाहित कन्या शुक्ल पक्ष के 11 गुरुवार थोड़ी सी हल्दी जल में डालकर स्नान करे तो उसकी शादी शीघ्र हो जाती है।

6 अगर आप चाहती हैं आप का पति आपसे खुश रहे और आपके प्रति उनका प्रेम लगातार बढे तो महीने में एक गुरुवार पूरे शरीर पर हल्दी का उबटन जरुर लगाएं।

7 गुरुवार के दिन जलकुम्भी और 5 हल्दी की गांठ पीले कपड़े में लपेट कर तिजोरी में रखने से धन की बढ़ोतरी होती है।

गुरु का दान- घी, शहद, हल्दी, पीले वस्त्र, शास्त्र पुस्तक, पुखराज, लवण, कन्याओं को भोजन, वृद्धजन, विद्वान एवं गुरूओं की सेवा करें।

गुरु का व्रत- 1 या 3 वर्ष अथवा 16 गुरूवार व्रत रखें।

गुरु की पूजा- गुरूवार को केले के वृक्ष के दर्शन करें तथा पूजा करके हल्दी एवं सरसों मिलाकर जल प्रदान करें।

गुरूवार के दिन ध्यान रखें- जब गुरू अकारक हो तो स्वयं गुरूवार को केला नहीं खाएं, बल्कि केले के फल का दान दें।

 

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