वास्तु अपनाएं व्यवसाय बढ़ाएं

  • वास्तु अपनाएं व्यवसाय बढ़ाएं
You Are HereDharm
Monday, December 09, 2013-7:41 AM

मनुष्य की समृद्धि में भाग्य एवं वास्तु का बराबर-बराबर संबंध होता है। ग्रह शांति, देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना और प्रयत्नों के अतिरिक्त भी मनुष्य को एक विषय पर और ध्यान देना चाहिए और वह है उसके घर एवं दुकान की वास्तु। यदि वास्तु दोष के कारण आप कष्ट में हैं, धन का अभाव हो गया है, व्यवसाय घाटे में चल रहा है या किसी की बुरी नजर लग गयी है तो ऑफिस या स्थान को तोड़ने फोड़ने की जरुरत नहीं है बल्कि वास्तु दोष दूर करने के लिए कुछ महत्वपूर्ण उपाय कर लें

1 दुकान का दरवाजा अंदर की ओर खुलना चाहिए। बाहर की ओर दरवाजे का खुलना लाभ को कम करता है जोकि आय के साथ व्यय भी बढ़ा देता है।

2 दुकानों के उत्तर एवं पश्चिम भाग में शोकेस का निर्माण करवाएं। इससे ग्राहकों की संख्या बढ़ती है।

3 धन में वृद्घि के लिए तिजोरी का मुंह उत्तर की ओर रखें क्योंकि यह देवाताओं के कोषाध्याक्ष कुबेर की दिशा है।

4 दुकान आदि व्यापारिक प्रतिष्ठान वायव्य दिशा में होने से ग्राहकों का आवागमन बढ़ेगा तथा सामान जल्दी बिकेगा।

5 सोने चांदी के व्यवसायियों को दुकान में लाल या नारंगी रंग नहीं करवाना चाहिये। ये रंग अग्नि के प्रतीक है एवं अग्नि धातु को नष्ट करती है।

6 कार्य की अधिकता के कारण कार्यालय की मेज के नीचे कागजात, फाइलें, किताबें, ब्रीफकेस रखना आजकल सामान्य बात हो गई है। जरा सोचिये, वहां झाड़ू एवं जूते चप्पल का स्पर्श भला व्यवसाय या अध्ययन में तरक्की दे सकता है ?


विवाह प्रस्ताव की तलाश कर रहे हैं ? भारत मैट्रीमोनी में  निःशुल्क  रजिस्टर  करें !

Recommended For You