भगवान के अवतार भारत में ही क्यों होते हैं

  • भगवान के अवतार भारत में ही क्यों होते हैं
You Are HereDharm
Saturday, December 14, 2013-8:04 AM

प्रकृति का विधान है कि जिसे जिस समय जिस वस्तु की अत्यंत अवश्यकता होती है। उसे पूरी करने वाला उसके पास पहुंच जाता है या तो मनुष्य स्वयं ही वहां पहुंच जाता है। जहां उसकी आवश्यकता पूरी होने वाली हो। जब सारी सृष्टी भगवान की ही है तो भगवान अन्य देशों में अवतार न लेकर भारत में ही क्यों अवतार लेते हैं ?

प्रकृति का विधान है कि जहां हरियाली होती है वहां बादल क्यों आते हैं और जहां बादल होते हैं वहां हरियाली क्यों होती है ? भारत देश में अनादि काल से ही ब्रह्मविद्या और भक्ति का प्रचार - प्रसार हुआ है इसलिए यहां भक्तों का जन्म होता था होता है और होता रहेगा। जहां भक्त हुए वहां भगवान की मांग हुई तो भगवान आए और जहां भगवान आए वहां भक्तों की भक्ति और भी पुष्ट हुई।

हमारे प्यारे देश भारत में भक्तिरूपी हरियाली है इसलिए भगवान भी बरसने के लिए बार बार आते हैं। शास्त्रों के मतानुसार," भगवान सदैव अपने भक्तों के अधीन रहते हैं।"

संसार के बहुत से स्थानों में भगवान की कथाएं, प्रवचन, सत्संग, कीर्तन आदि शुभ कार्य होते हैं परंतु भारत जितनी तादात में शांति से किसी दूसरे देश के लोग सत्संग सुन पाएं हो ऐसा आज तक कभी किसी देश में नहीं हुआ। भारत में तो रोजाना सत्संग के महाकुंभ लगते हैं, लाखों की संख्या में हरि कथा के रसिक हैं। घर - घर में सुबह शाम ज्योति जलाई जाती है, पूजा पाठ होता है।

भगवत्प्रेमी संतों के सत्संग में जाकर, उनसे ज्ञान ध्यान प्राप्त कर श्रद्धालु अपना जीवन धन्य कर लेते हैं। जहां जहां भक्त और भगवत कथा प्रेमी होते हैं वहां - वहां भगवान और संतों का अवतार भी होता रहता है।  

 


विवाह प्रस्ताव की तलाश कर रहे हैं ? भारत मैट्रीमोनी में  निःशुल्क  रजिस्टर  करें !

Recommended For You