चमत्कारी भभूत जो आपकी जिंदगी बदल सकता है

  • चमत्कारी भभूत जो आपकी जिंदगी बदल सकता है
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Monday, December 16, 2013-7:56 AM

भस्म का अर्थ है विभूति जिसका अर्थ है ग्लोरी, उस प्राणी की रक्षा, उसकी सेहत की हिफाज़त ,बुरी शक्तियों से बचाव का एक कवच। जब दुर्गुणों का नाश होता है तब उस परम तत्व परमेश्वर शिव से हम मिलन मनाते हैं। कुछ लोग शिव की शक्ति को एक तत्व के रूप में धारण करते हैं। भगवान शिव अपने पूरे शरीर पर भस्म लगाकर रखते हैं।

भस्म भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए लगाई जाती है। जो दुःखों, संतापों का नाश करने वाली होती है। यह मुक्ति प्रदान करती है और जन्म जन्मांतर से छुटकारा दिलवाती है। वैज्ञानिक दृष्टि से भस्म धारी पर जीव-जन्तु, कीड़े-मकोड़े तथा गर्मी के मौसम में इनका कोई भी प्रभाव नही ‍होता।

सन्त महात्मा धमनी की भभूति काया मे रमाते हैं जिसे भस्मी स्नान कहते हैं और भस्मी युक्त रहते हैं। पूर्व आख्यायिका है कि भगवान शिव जी ने माया स्वरूपी दादा मत्स्येन्द्रनाथ जी के ऊपर भस्मी डालकर भस्मी स्नान कराया था।

उलटन्त बिभूत पलटन्त काया
अर्थात यह भभूत काया को शुद्ध तथा तेजस्वी बनाती है।

चढ़ी भभूत घट हुआ निर्मल
अर्थात भभूत मन की मलिनता को हटाकर मन को निर्मल तथा पवित्र करती है।

भगवान शंकर देह पर भभूत रमाए हुए हैं क्योंकि वे शिव हैं, कल्याणस्वरूप हैं। जनमानस को संदेश देते हैं कि चाहे तुमने कितना ही पद-प्रतिष्ठावाला, गर्व भरा जीवन बिताया हो, अंत में तुम्हारी देह का क्या होने वाला है, वह मेरी देह पर लगाई हुई भभूत बताती है। अतः इस चिताभस्म को याद करके आप भी मोह-ममता और गर्व को छोड़कर अंतर्मुख हो जाया करो।


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