मेष राशि के लिए कैसा रहेगा नया साल

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Wednesday, December 18, 2013-2:59 PM

आने वाला नया साल आपके लिए और आपके परिवार के लिए कैसा होगा यह जानने की उत्सुकता प्रत्येक व्यक्ति को होती है। पंजाब केसरी चन्द्र राशि के आधार पर आपको यह बताने की कोशिश कर रहा है कि आने वाला नया साल आपके लिए कैसा होगा। आमतौर पर राशि की गणना सूर्य और चन्द्र राशि के आधार पर होती है लेकिन भारतीय पराशर ज्योतिष में चन्द्र राशि को ही मान्यता है और जातक का नाम भी चन्द्र राशि के आधार पर ही तय होता है। अपको भविष्य फल बताने की शुरूआत हम मेष राशि से कर रहें हैं। यदि आपका नाम चु, चे, चो, ला, ली, लू, लो, अ से शुरू होता है तो आपकी चन्द्र राशि मेष है। मेष राशि के लिए आने वाला साल कुछ ऐसा रहेगा।

जनवरी - मेष राशि पर केतू का संचार एवं शनि की नीच दृष्टि होने से इस साल घरेलू तथा व्यवसायिक उलझनें बनी रहेंगी। क्रोध अधिक आय सिमित तथा खर्च अधिक होगा परंतु मंगल की स्वगृही दृष्टि होने से किसी तरह निर्वाह योग्य आय के साधन बनते रहेंगे। वाहनादी सावधानिपूर्वक चलाएं। चोटादि का भय रहेगा।

फरवरी - 4 फरवरी से मंगल गृह के तुला राशि में आने से सांतवी दृष्टि मेष राशि पर पड़ेगी जिससे अत्यधिक संघर्ष के बावजूद धन लाभ सामन्य रहेगा। मंगल और शनि की संयुक्त दृष्टि होने से व्यर्थ की भागदौड़ व खर्च अधिक रहेगा। गुप्त चिन्ता, मानसिक तनाव एवं चोटादि का भय रहेगा। गुप्त शत्रुओं से सतर्क रहें। 27 फरवरी को श्री महाशिवरात्रि का व्रत करना शुभ रहेगा।

मार्च - 1 मार्च से मंगल वक्री होकर शनि और राहू के साथ संचार करने से अत्यंत कठिन एवं संघर्षपूर्ण परिस्थितियों से सामना होगा । नौकरी में परिवर्तन का विचार भी बनेगा। केतू के संचार से मानसिक तनाव एवं घरेलू उलझनें बढ़ेगी। मासान्त में अत्यधिक क्रोध एवं उत्तेजना से बचें। श्री दुर्गा कवच का पाठ करना शुभ रहेगा।

अप्रैल - राशि के स्वामी मंगल के वक्री होने से मानसिक तनाव एवं घरेलू उलझनें बढ़ेंगी। अत्यधिक संघर्ष के बाद धन लाभ अल्प एवं खर्च ज्यादा रहेगा। भूमि संबंधी कार्यो से परेशानी के योग हैं। अप्रैल में सूर्य मेष राशि से बाहरवें घर से छठे घर पर दृष्टि होगी स्वस्थ का विशेष ध्यान रखना होगा। स्वस्थ संबंधी परेशानी पैदा हो सकती है।

मई - मई में बृहस्पति मेष राशि से चौथे घर में संचार करना शुरू करेंगे। गुरू की सातवीं दृष्टि दसवें घर पर पड़ने से व्यवसायिक हालात में सुधार व कुछ काम बनेंगे। धन लाभ के अवसर मिलेंगे। परिवार में शुभ मंगल कार्य भी सम्पन्न होंगे। मंगल व्रकी होने से क्रोध अधिक, सांझेदारी में परेशानी एवं स्वास्थ्य ढीला रहेगा।

जून - मंगल शनि की संयुक्त दृष्टि होने से संघर्ष के बावजूद उत्साह एवं पराक्रम बना रहेगा। धन लाभ व पदोन्नति के विशेष अवसर मिलेंगे परंतु खर्च भी अधिक रहेंगे। उत्तराद्ध में वृथा भागदौड़, मानसिक तनाव, वृथा धन का खर्च एवं घरेलू चिन्ताओं में वृद्धी होगी।

जुलाई - इस महीने में केतू इस राशि के ऊपर से संचार करना शुरू करेगा । जिस कारण जातक को मानसिक परेशानी हो सकती है। जुलाई से ऐसे जातकों को अपने स्वास्थ्य का खास ध्यान रखना पड़ेगा। विदेश संबंधि कार्यों में वृद्धी होगी। व्यवसाय में लाभ व उन्नति के अवसर मिलेंगे। लाभ के साथ - साथ खर्च भी बढ़ेंगे। घरेलू उलझनों के कारण मन परेशान होगा। मासान्त में कोई बिगड़ा हुआ काम बनेगा और कोई खुशी का समाचार मिलेगा।

अगस्त - राशि स्वामी की मंगल दृष्टि होने से मान प्रतिष्ठा में वृद्धी तथा उच्च प्रतिष्ठत लोगों के साथ सम्पर्क बढ़ेगा परंतु शनि की दृष्टि होने से धन के आकस्मिक खर्च तथा तनाव बढ़ेंगे। मासान्त में खर्चों मे वृद्धी के साथ निर्वाह योग्य आय के साधन बनेंगे।

सितम्बर - 4 सितम्बर तक राशि स्वामी मंगल की स्वगृही दृष्टि होने से किसी प्रतिष्ठत मित्र की सहायता से बिगड़े हुए काम बनेंगे। नए कार्य की योजना बनेंगी परंतु 5 सितम्बर से घरेलू परेशानियों के कारण तनाव व आर्थिक उलझनें बढ़ेंगी। उत्तरार्ध भाग में निकट बन्धुओं के साथ मतान्तर रहेगा।

अक्तूबर- मेष राशि स्वामी मंगल 17 अक्तूबर तक अष्टम होने से घरेलू परेशानियों के कारण तनाव व आर्थिक उलझनें बढ़ेगी। निकट बंधुओं से मतभेद होंगे। 18 अक्तूबर से मंगल भाग्य स्थान पर होने से हालात में सुधार एवं कुछ बिगड़े काम बनेंगे। विदेशी कार्यों में प्रगति होगी परंतु स्वास्थ्य ढीला, सिरदर्द, गुस्सा ज्यादा एवं तनाव के कारण परेशानी होगी।

नवम्बर - मंगल 26 नवम्बर तक भाग्य स्थान पर होने से कुछ बिगड़े कामों में सुधार आएगा। विदेश संबंधी योजना भी बनेगी परंतु इस राशि पर सूर्य शनि की दृष्टि होने से आराम कम व संघर्ष अधिक रहेगा। चोटादि का भय एवं स्वास्थ्य ढीला रहेगा। 27 नवम्बर से आय के साधनों में वृद्धि होगी।

दिसम्बर - मेष राशि स्वामी मंगल उच्चराशिगत होने से व्यवसाय के क्षेत्र में लाभ व उन्नति के योग हैं। भूमि सवारी आदि का क्रय विक्रय भी होगा। मासान्त में कारोबार में व्यस्तताएं बनी रहेंगी परंतु शनि इस राशि से अष्टम होने से चोटादि का भय एवं स्वास्थ्य संबंधी परेशानी बनी रहेंगी।


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