अशुभ नक्षत्र में केजरीवाल की शपथ हो सकता है अपनों से धोखा

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Saturday, December 28, 2013-3:33 PM

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने स्वाति नक्षत्र में मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण करी है।  भृगु ज्योतिष शोध मंच के अध्यक्ष पंडित राजेन्द्र बिट्टू का कहना है कि सूर्य के नक्षत्र में पैदा हुए केजरीवाल का राहु के नक्षत्र में शपथ लेना अशुभ है और आम आदमी पार्टी की सरकार कार्यकाल पूरा नहीं कर पाएगी। उन्होंने कहा कि केजरीवाल की वर्ष कुंडली में लग्न में शनि चल रहा है जबकि मंगल दूसरे घर, केतु 5वें, सूर्य, बुध, गुरु व शुक्र 7वें, राहु 9वें और चंद्रमा 10वें घर में है।

शनि व राहु इस समय केजरीवाल की जन्म कुंडली में छठे घर में संचार कर रहे हैं, लिहाजा शनिवार राहु की छठे घर में उपस्थिति केजरीवाल के लिए खतरनाक साबित हो सकती है। राजेन्द्र बिट्टू ने कहा कि केजरीवाल की कुंडली में गुरु की महादशा में शुक्र की अंतर्दशा चल रही है और इसी अंतर्दशा के चलते केजरीवाल सफल हुए हैं लेकिन यह अंतर्दशा 2015 में समाप्त हो रही है और उससे पहले ही केजरीवाल की वर्ष कुंडली में 2014 में सितारों की दशा बदल जाएगी। आने वाले साल में केजरीवाल कांग्रेस अथवा अपने किसी सहयोगी के धोखे का शिकार हो सकते हैं।
 
उन्होंने कहा कि केजरीवाल की जन्म कुंडली में चौथे घर में स्थित शुक्र, गुरु, बुध और सूर्य की उपस्थिति से भी उन्हें अपार जनसमर्थन हासिल हुआ है लेकिन केजरीवाल की अगले साल की वर्ष फल कुंडली में तीसरे घर में बैठा शनि अशुभ है। लिहाजा वह ज्यादा देर तक मुख्यमंत्री नहीं रह पाएंगे। अगले वर्ष केजरीवाल की वर्ष फल कुंडली में राहु दूसरे, शनि तीसरे, केतु 5वें और चन्द्रमा 8वें तथा सूर्य, गुरु, शुक्र, बुध 10वें और मंगल 12वें घर में आ जाएंगे और राहु की 8वें घर पर दृष्टि हानिकारक होगी। इसके संकेत लोकसभा चुनाव से पहले गड़बड़ी के रूप में सामने आ सकते हैं।


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