इन उपायों के माध्यम से स्वयं मां लक्ष्मी आपके घर पधारेगी

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Friday, January 24, 2014-8:26 AM

लक्ष्मी पवित्रता और सात्विकता की प्रतीक हैं। महालक्ष्मी पवित्र उद्देश्यों, परिश्रम और लगन के साथ समाज-हित को ध्यान में रखते हुए अर्जित संपत्ति या धन की देवी हैं। गलत कार्यों से प्राप्त की गई सम्पत्ति या धन को लक्ष्मी नहीं कह सकते। लक्ष्मी देवी को चंचला कहा जाता है लेकिन सच्चे ह्रदय से इनकी पूजा अर्चना करने से कोई भी इन्हें अपने पास स्थायी रूप से रख सकता है। ऐसा न होने पर लक्ष्मी मां अपने पीछे दरिद्रता छोड़ व्यक्ति के जीवन से सदैव के लिए विदा ले लेती हैं।

शुक्रवार के दिन जहां धनवान लोग लक्ष्‍मी जी से गुहार करते हैं कि उन पर सदैव माता लक्ष्‍मी जी की कृपा बनी रहे वहीं धनहीन लोग भी लक्ष्‍मी जी को प्रसन्‍न करने के लिए धनपतियों से पैसा उनके एकाउंट में शिफ्ट कराने की अर्जी लगाते हैं। महाभारत में लिखित है कि आलस और परिश्रम न करने वाले से महालक्ष्मी रूष्ट हो जाती हैं। कमल के फूलों की आराधना से लक्ष्मी मां प्रसन्न होती हैं।

माता लक्ष्मी के श्री स्वरूप के दर्शन मात्र से सौभाग्य जागता है, जिस घर में इनके श्री स्वरूप की स्थापना होती है उस घर में धन, वैभव और ऐश्वर्य की कभी कोई कमी नहीं रहती। माता लक्ष्मी के श्री स्वरूप के साथ उनके चरणों की स्थापना भी अवश्य करें। गुप्त लक्ष्मी को प्रसन्न कर अनजाने रास्तों से गुप्त धन लाभ दिलाते हैं चरण। जिनके माध्यम से स्वयं मां लक्ष्मी आपके घर में पधारेगी।

पौराणिक मान्यता है कि जिस घर में भगवान विष्णु की पूजा होती है वहां महालक्ष्मी अचला होकर निवास करती हैं और जहां भगवान विष्णु की पूजा नहीं होती वहां लक्ष्मी चंचला ही रहती हैं। इससे निश्चित रूप से माता लक्ष्मी गृहस्थ जीवन को सुखमय एवं खुशहाल कर देती हैं।

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