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ऐसे प्राप्त होती हैं चोरी अथवा गुम हुई वस्तुएं

  • ऐसे प्राप्त होती हैं चोरी अथवा गुम हुई वस्तुएं
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Monday, February 03, 2014-1:05 PM

अगर आप की कोई वस्तु गुम हो जाए अथवा चोरी हो जाए तो उस दिन कौन सा नक्षत्र है उसको आधार मान कर गुम हुई वस्तु के संबंध में यह जाना जा सकता है की वो प्राप्त होगी या नहीं। ज्योतिष के मतानुसार 28 नक्षत्र होते हैं जिन्हें चार बराबर भागों में बांट दिया गया है। एक भाग में सात नक्षत्र आते हैं जिन्हें अंध, मंद, मध्य तथा सुलोचन नाम से पुकारा जाता है। इन नक्षत्रों के मतानुसार गुम हुई वस्तु अथवा चोरी हुई वस्तु का दिशा ज्ञान तथा फल ज्ञान के विषय में जो ज्ञान प्राप्त होता है वह एकदम सही होता है।

नक्षत्र लोचन ज्ञान के विषय में कैसे जानें-


अंध लोचन में आने वाले नक्षत्र- रेवती, रोहिणी, पुष्य, उत्तराफाल्गुनी, विशाखा, पूर्वाषाढा़, धनिष्ठा।
 
मंद लोचन में आने वाले नक्षत्र- अश्विनी, मृगशिरा, आश्लेषा, हस्त, अनुराधा, उत्तराषाढा़, शतभिषा।
 
मध्य लोचन में आने वाले नक्षत्र- भरणी, आर्द्रा, मघा, चित्रा, ज्येष्ठा, अभिजित, पूर्वाभाद्रपदय़।
 
सुलोचन नक्षत्र में आने वाले नक्षत्र- कृतिका, पुनर्वसु, पूर्वाफाल्गुनी, स्वाति, मूल, श्रवण, उत्तराभाद्रपद.

नक्षत्रों द्वारा जानें-

अगर आपकी वस्तु अंध लोचन में गुम हुई है तो उसे पूर्व दिशा में खोजें। इस नक्षत्र में गुम हुई वस्तु अवश्य मिल जाती है।

अगर आपकी वस्तु मंद लोचन में गुम हुई है तो उसे दक्षिण दिशा में खोजें। इस नक्षत्र में गुम हुई वस्तु 3-4 दिन के अंतराल पर मिल तो जाती है मगर उसके लिए बहुत प्रयत्न करने पड़ते हैं।

अगर आपकी वस्तु मध्य लोचन में गुम हुई है तो वह पश्चिम दिशा की तरफ से मिलती है। एक महीने के बाद उस वस्तु की खोज खबर मिलती है और ढा़ई महीने बाद उस वस्तु के मिलने की संभावना प्रबल होती है।

अगर आपकी वस्तु सुलोचन नक्षत्र में गुम हुई हो तो उसे भुल जाना ही बेहतर होगा क्योंकि वह कदापि नहीं मिलती।
 

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