पुरुष किसी कन्या से कुकर्म करता है तो...

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Wednesday, February 05, 2014-7:54 AM

बाईबल
 व्यभिचार मत करो, हत्या मत करो, चोरी मत करो, लालच मत करो। इनका और सभी दूसरी आज्ञाओं का सारांश यह है कि अपने पड़ोसी को अपने समान प्यार करो। दिन निकलने को है, इसलिए हम, अंधकार के कर्मों को त्याग कर ज्योति के शस्त्र धारण कर लें। हम दिन के योग्य सदाचरण करें। हम रंगरेलियां, नशेबाजी, व्यभिचार व भोगविलास, झगड़े और ईष्या से दूर रहें। आप लोग प्रभु ईसा मसीह को धारण करें और शरीर की वासनाएं तृप्त करने का विचार छोड़ दें।
                                            (रोमियो के नाम संत पौलुस का पत्र 13:9,12,14)

यदि कोई पुरुष किसी कन्या से कुकर्म करे, तो वह दण्ड के योग्य है, 
                                                                          (व्यवस्था विवरण 22: 25)

जब तू किसी से युद्ध करने जाए तो पहले उससे संधि की कोशिश करना। परन्तु संधि न हो तो लड़ाई के दौरान स्त्रियों और बच्चों को हानि न पहुंचाना।                                                                                                                                                                (व्यवस्थाविवरण 20: 14)

बाईबल में ईश्वर की दस आज्ञाओं में से एक है व्यभिचार न करना। व्यभिचार करने वाले  पाप करते हैं। इसलिए अगर कोई पुरुष किसी कन्या से कुकर्म करता है तो वह दंड के योग्य है। अंधकार के कर्मों जैसे व्यभिचार, भोगविलास छोड़ कर ज्योति के शस्त्र धारण कर लें। अपनी वासनाओं को छोड़कर ईश्वर के पास जाएं।  अगर हम अपने मन पर काबू पा लें तो हम अंधकार से बच जाएंगे। पुराने विधान में कहा गया है, किसी राज्य के खिलाफ लड़ाई में औरतों को कष्ट न पहुंचाओ। न ही उनके साथ
ज्यादती करो।


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