फरवरी में जन्म लेने वाले जातकों का भविष्यफल

  • फरवरी में जन्म लेने वाले जातकों का भविष्यफल
You Are HereDharm
Thursday, February 06, 2014-8:06 AM

साल के दूसरे माह यानी फरवरी में पैदा होने वाले जातकों पर शनि की राशि कुम्भ का असर सर्वाधिक होता है। कुम्भ राशि के स्वामी शनि होते हैं, जिनकी यह दूसरी राशि होती है। यह राशि पुरुष जाति की व स्थिर संज्ञक विचित्र वर्ण व त्रिदोष प्रकृति की होती है। पश्चिम दिशा की स्वामिनी उष्ण स्वभाव कू्रर व मध्यम संतान वाली है। प्राकृतिक रूप से यह राशि विचारशील व शांत चित्त वाली है। मानव शरीर में इस राशि से पेट के भीतरी भागों का विचार किया जाता है।

लक्ष्य के प्रति पूरी तरह समर्पित
ऐसे जातक आत्म नियंत्रक होते हैं। शांत चित व अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित होते है। धीरे-धीरे प्रगति के पथ पर बढ़ते है व अपने कार्य क्षेत्र में एक विशेष मुकाम हासिल करते हैं। घर के बाहर ये असीम शोहरत हासिल करते हैं पर अपने ही घर व अपने लोग इन्हें इतनी मान्यता नहीं देते हैं पर ये बात इन्हें अपने लक्ष्य से कभी दूर नहीं करती है। समय-समय पर कुछ न कुछ ऐसा करते हैं कि सभी आश्चर्यचकित हो जाते हैं। मौलिकता इनका प्रमुख गुण है इस कारण ये लोग हमेशा लीक से हटकर कुछ नया करते हैं।

न्यायप्रिय और धार्मिक स्वभाव

भारतीय ज्योतिष में हम नवग्रहों की अवधारणा लेकर ही भविष्य का आकलन करते हैं लेकिन पाश्चात्य ज्योति में यूरेनस व प्लूटो दो अन्य ग्रहों का भी विचार किया जाता है। इस पद्धति के अनुसार इस माह जन्में जातकों पर सर्वाधिक असर यूरेनस का असर रहता है। यूरेनस ग्रह सौरमंडल में सूर्य से सातवां ग्रह है व ग्रीक विद्वान विलियम हर्षेल ने इसकी खोज की। इससे इसे हर्षेल नाम से भी जाना जाता है।

 इसकी प्रकृति देवगुरु बृहस्पति व शनि के समान होती है। उसी के अनुरूप इस माह में पैदा होने वाले जातक शनि की तरह न्यायप्रिय व गलत कार्य में साथ नहीं देने वाले तथा बृहस्पति की तरह धार्मिक भावना वाले, प्रत्येक कार्य में मर्यादित आचरण व स्वभाव से शांत होते हैं। इनकी विचारधारा मौलिक होती है व अपने दम पर अपना नाम रोशन करते हैं। दूसरे लोग इनके बारे में क्या कहते हैं, ये इसकी परवाह तो नहीं करते पर भविष्य में इन बातों का ध्यान जरूर रखते हैं कि उस मुद्दे पर किसी को अनावश्यक टीका-टिप्पणी करने का अवसर न मिले।

शोहरत है पर दाम नहीं

आर्थिक मामलों में ये ज्यादा सम्पन्न नहीं होते हैं पर अपनी जिम्मेदारियों से कुछ अधिक ही अर्जन करते हैं लेकिन आर्थिक मामलों से ये संतुष्ट नहीं होते क्योंकि जैसी शोहरत इनकी होती है उसके अनुसार आर्थिक स्थिति कुछ कमजोर होती है। फरवरी माह में पैदा होने वाले लोगों को अपने लक्ष्य के प्रति सनकी कहा जाए तो भी कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी क्योंकि इन्हें अपने कार्य के सामने या सामाजिक कार्यों का त्याग भी करना पड़े तो ये बिना परवाह किए ऐसा कर गुजरते है।

जातक करें शनि की आराधना

फरवरी में पैदा होने वाले जातक की कुंडली मे गुरु या शनि विपरीत होने पर लीवर, आंत व पैरों में तकलीफ  होती हैं। ऐसे में इन जातकों को देवगुरु व शनि की आराधना करनी चाहिए।

फरवरी माह में पैदा होने वाले जातक चूंकि मुस्कान के साथ आगे बढऩे की प्रेरणा के साथ जीने वाले होते हैं। अत: असफलता इन्हें कम ही देखने को मिलती है क्योंकि अपनी भीतरी शक्ति का ये भरपूर उपयोग करते हैं जिसके दम पर ये असफलता के दौर को सहजता से पार कर जाते हैं।


विवाह प्रस्ताव की तलाश कर रहे हैं ? भारत मैट्रीमोनी में  निःशुल्क  रजिस्टर  करें !

Recommended For You